Anjel Chakma Murder Case: एंजेल चकमा की हत्या पर उबाल, CM धामी ने छात्र के पिता से फोन पर बात कर दिया सख्त एक्शन का आश्वासन, VIDEO
मुख्यमंत्री धामी ने मृतक एंजेल चकमा के पिता तरुण चकमा से फोन पर बातचीत में कहा कि इस घटना पर वो व्यक्तिगत तौर पर दु:खी हैं। सीएम ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
- भारत
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उत्तराखंड के देहरादून में बीते दिनों त्रिपुरा के एक छात्र की जिस बेहरमी से हत्या की गई थी, उसे लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत में पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा पर नई बहस छिड़ गई है। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस भी एक्शन में आ गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक छात्र एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बात की और हत्यारोपियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
CM पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात की। एंजेल की हत्या पर दु:ख व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। उस पर ईनाम घोषित करते हुए। उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम भेजी गई है।
CM धामी ने फोन पर की तरुण चकमा से बात
मुख्यमंत्री धामी ने तरुण चकमा से कहा कि इस घटना पर वो व्यक्तिगत तौर पर दु:खी हैं। इस स्थिति में परिवार के दु:ख को समझ सकते हैं। एक माता-पिता के लिए इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है। मैं आपके दुख को समझ सकता हूं। उत्तराखंड सरकार आपके साथ खड़ी है। हम दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी। मैंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का जाएगी-CM धामी
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में कभी भी इस तरह का माहौल नहीं रहा है, यहां देश- विदेश के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। इसलिए यह घटना हम सबके लिए भी कष्टपूर्ण है। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनकी बात हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता की जाएगी।
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एंजेल चकमा की कैसे हुई हत्या?
बता दें कि बीते 9 दिसंबर, 2025 की शाम को एंजेल चकमा और उनका छोटा भाई माइकल, देहरादून के सेलाकुई इलाके में एक स्थानीय बाजार में घर का सामान खरीदने गए थे। जब वे खरीदारी कर रहे थे, तो छह नशे में धुत स्थानीय लोगों के एक ग्रुप ने भाइयों को परेशान करना शुरू कर दिया। FIR के अनुसार, उन लोगों ने नस्लीय गालियों की बौछार कर दी, उन्हें "चीनी," "नेपाली," "चिंकी," और "मोमोज" कहा। जब भाइयों ने उनका विरोध किया और उनकी भाषा पर आपत्ति जताई, तो मौखिक गाली-गलौज शारीरिक हमले में बदल गई।
भाई को बचाने के लिए दे दी जान
रिपोर्ट्स के अनुसार, उनमें से एक आदमी ने माइकल के सिर पर एक भारी धातु के कंगन से हमला किया। अपने छोटे भाई पर हमला होते देख, एंजेल उसे बचाने के लिए बीच में आ गया। मुख्य आरोपी, यज्ञ अवस्थी ने कथित तौर पर चाकू से एंजेल के सिर और पीठ पर कई बार वार किया। एक और हमलावर ने उस पर धातु की रॉड से हमला किया।
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एंजेल की मौत सदमे में भाई माइकल
जैसे ही एंजेल खून बहता हुआ जमीन पर गिरा, हमलावर मौके से भाग गए। डॉक्टरों ने बाद में बताया कि चाकू के घाव इतने गहरे थे कि उनसे उसकी रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा था, जिससे वह लकवाग्रस्त हो गया और कोमा में चला गया। 16 दिनों तक जिंदगी के लिए लड़ने के बाद एंजेल ने 25 दिसंबर, 2025 को देहरादून के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। एंजेल की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया है।