'दिग्विजय सिंह को मेरा हौव्वा ऐसा चढ़ा कि हर जगह मैं ही मैं...', अमित शाह ने राज्यसभा में क्यों ली कांग्रेस नेता की चुटकी
Waqf Bill: राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान अमित शाह और दिग्विजय सिंह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
- भारत
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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में पास कराने के बाद आज दोपहर से ही राज्यसभा में जोरदार चर्चा चल रही है। बिल पर संसद में बहस के दौरान अमित शाह और दिग्विजय सिंह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जब सुधांशु त्रिवेदी अपनी बात रख रहे थे तब दिग्गविजय सिंह ने उनके एक बयान पर आपत्ति जताई और उसकी कड़ी निंदा की। इस पर गृहमंत्री शाह ने उन्हें करारा जवाब दिया।
राज्यसभा में अपने संबोधन में सुधांशु त्रिवेदी ने इशरत जहां, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी के नाम लिया और कहा कि ये लोग आज इनके साथ हैं। सुधांशु त्रिवेदी की इसी बात पर एनसीपी (शरद पवार) की सांसद फौजिया खान ने आपत्ति जताई और एक्सपंज करने की मांग की। वहीं फौजिया खान ने सुधांशु त्रिवेदी पर पूरे मुस्लिम समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया साथ ही एक्सपंज करने की बात कही।
'मेरे बारे में कहा, उसकी निंदा करता हूं'
वहीं कांग्रेस सांसद दिग्गविजय सिंह ने कहा कि 'सुधांशु त्रिवेदी ने जिस तरह से यह पूरी बात कही है, वो घोर आपत्तिजनक है। अपमानित करती है और जो माननीय सदस्य ने मेरे बारे में कहा है मैं उसकी निंदा करता हूं। जो गुजरात में दंगे-फसाद हुए उसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार थे?'
दिग्गविजय सिंह का नाम नहीं लिया- शाह
इस दौरान मोर्चा संभालते हुए अमित शाह ने कहा, 'सुंधाशु जी ने अपने भाषण में कहीं भी दिग्गविजय सिंह का नाम नहीं लिया है। वह खड़े होकर कह रहे हैं कि मेरे बारे में कहा है , इससे यह साबित हो गया है।' उन्होंने आगे कहा सुधांशु ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं कहा है। इंडी अलायंस को लेकर कहा है।' उन्होंने कहा कि 'इशरत जहां, यही एनसीपी ने इशरत के घर जाकर इनाम भी दिया और शहीद बताया था। दूसरा कहा अतीक अहमद, इंडी अलायंस पार्टी से थे। तीसरा मुख्तार अंसारी, ये भी इंडी अलायंस से थे। यह सारे नाम आपके इंडी अलायंस से जुड़े हुए थे। बल्कि सुधांशु ने तो मुसलमानों कम्यूनिटी से ढेर सारे शायरों का नाम लिया जिन्होंने साहित्य की सेवा और रचना की।'
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दिग्गविजय सिंह-शाह के बीच तकरार
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि याकूब मेमन के नमाज-ए-जनाजा में कितने लोग गए, अब्दुल कलाम के नमाज-ए-जनाजे में कितने लोग गए। एक सांसद तो यह तक कहते हैं कि अफजल की ज्यूडिशियल किलिंग हुई है। उनकी इस बात पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे लेकर जो कहा गया है, मैं उसकी निंदा करता हूं। इस पर अमित शाह ने कहा कि माइक चालू करा दीजिए और दिग्विजय सिंह जी बोल दें कि उन्होंने नहीं कहा है कि 26-11 हमले में संघ का हाथ था। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमने ये बात नहीं कही है। गृह मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि गुजरात के दंगों के समय वह वहां के गृह मंत्री थे। दंगों में उन लोगों की क्या भूमिका थी? इस पर अमित शाह ने करारा जवाब देते हुए कहा कि जब दंगे हुए, उसके 18 महीने बाद वह गृह मंत्री बने थे। शाह ने कहा कि इनको मेरा हौव्वा ऐसा है कि हर जगह मैं ही दिखाई देता हूं।
नंबर गेम देखें तो राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। अभी राज्यसभा के सिटिंग सदस्यों की संख्या 236 है, जबकि 9 सीटें खाली हैं। इस लिहाज से किसी बिल पर बहुमत के लिए 118 वोट चाहिए होंगे। इसमें सत्ताधारी बीजेपी नीत एनडीए के पास 125 सांसद हैं।