पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच भारत को मिला पुराने दोस्त का साथ, जयशंकर ने साथ खड़े होने के लिए रूस का किया धन्यवाद
पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच भारत को उसके पुराने दोस्त रूस का साथ मिला। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साथ खड़े होने के लिए रूस का धन्यवाद किया।
- भारत
- 2 min read

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से दुनियाभर के कई देशों ने भारत को अपना समर्थन दिया है। उन देशों की लिस्ट में सबसे पहला नाम इजरायल का आता है। वहीं रूस ने भी भारत के साथ अपना समर्थन जताया है और पाकिस्तानी आतंकियों की ओर से पहलगाम में किए गए हमले की कड़ी निंदा की। वहीं भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने शुक्रवार को भारत के साथ एकजुटता से खड़े होने के लिए रूस को धन्यवाद दिया और पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद की चुनौती का सामना करने के लिए देश की दृढ़ प्रतिक्रिया की पुष्टि की।
विदेश मंत्री नई दिल्ली में रूसी दूतावास में आयोजित विजय दिवस संयुक्त स्वागत समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने आतंकवाद की मौजूदा चुनौती को संबोधित किया और इसे वैश्विक समुदाय के लिए साझा खतरा बताया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब भारत आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहा है, जो वैश्विक समुदाय के लिए एक साझा खतरा है। मैं उन लोगों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने हमारे साथ एकजुटता व्यक्त की है और जो दृढ़ प्रतिक्रिया चल रही है उसे समझते हैं।"
राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी से की फोन पर बातचीत
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस ने भारत का साथ देने का आश्वासन दिया। बीते दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। रूसी राष्ट्रपति ने भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा, “राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भारत आने का दिया न्योता
उन्होंने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-रूस के विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर बधाई दी और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।