Sambhal Masjid: मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका, इलाहाबाद हाई कोर्ट का संभल जामा मस्जिद सर्वे पर रोक से इनकार

Sambhal Shahi Jama Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल में मौजूद शाही जामा मस्जिद को लेकर बड़ा फैसला आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने से साफ इनकार किया है।

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Sambhal Shahi Jama Masjid
Sambhal Shahi Jama Masjid | Image: R Bharat

Sambhal Shahi Jama Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल में मौजूद शाही जामा मस्जिद को लेकर बड़ा फैसला आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने से साफ इनकार किया है। यही नहीं हाईकोर्ट ने सोमवार को मामले में सुनवाई करते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें सर्वे पर रोक लगाने की अपील की गई थी।

 संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर पहले ही ट्रायल कोर्ट ऑर्डर दे चुका था। मुस्लिम पक्ष ने इस ऑर्डर को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। सोमवार को मामले में सुनवाई हुई और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी आदेश को बरकरार रखा।

HC के फैसले पर क्या बोले वकील?

हाईकोर्ट के फैसले पर गाजियाबाद में अधिवक्ता हरि शंकर जैन कहते हैं, 'कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी और कहा कि सर्वेक्षण सही था। जो भी सर्वेक्षण हुआ है, उसे पढ़कर रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा। अगर वो (मुस्लिम पक्ष) सुप्रीम कोर्ट जाते हैं तो हम उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।'

वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन कहते हैं, 'इलाहाबाद हाईकोर्ट का बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है और जिन लोगों ने देश में ये भ्रांति फैलाई थी कि 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन चंदौसी की ओर से नियुक्त सर्वेक्षण आयुक्त गलत नियुक्ति थी और उन्हें नियुक्ति करने से पहले मस्जिद समिति की बात सुननी चाहिए थी। आज कानून की उस प्रस्तावना को न्यायालय ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कानून की सीधी सी प्रस्तावना ये है कि न्यायालय आदेश 26, नियम 9 और 10 की शक्ति का प्रयोग करते हुए सर्वेक्षण आयुक्त की नियुक्ति कर सकता है। उस समय किसी की बात सुनने की जरूरत नहीं है। कानून का आदेश सिर्फ इतना है कि जब सर्वेक्षण आयुक्त सर्वेक्षण के लिए मौके पर जाए तो वो दोनों पक्षों की मौजूदगी में सर्वेक्षण करेगा। जिसका पालन यहां दोनों दिन यानी 19 और 24 नवंबर को किया गया।'

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड