अपडेटेड 18 November 2025 at 22:26 IST

अल फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी को ED ने किया गिरफ्तार

Jawad Ahmed Siddiqui: दिल्ली में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आज 18 नवंबर 2025 को अल फलाह विश्वविद्यालय के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उन सर्च ऑपरेशन और सबूतों के आधार पर की गई है, जो अल-फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले थे।

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 Jawad Ahmed Siddiqui
अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार | Image: Al Falah University/Social Media

Jawad Ahmed Siddiqui: दिल्ली धमाके का तार फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी तक जुड़ने के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। इस बीच मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच एजेंसी ED ने इस विश्वविद्यालय के फाउंडर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर  जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि इससे पहले इंदौर जिले के महू थाने की पुलिस ने जवाद के भाई हमूद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। हमूद पर धोखाधड़ी, दंगे, हत्या के प्रयास समेत कई मामले दर्ज हैं। यह काफी दिनों से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया। अब इसके भाई और अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी की भी गिरफ्तारी हो गई है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी 

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आज 18 नवंबर 2025 को अल फलाह विश्वविद्यालय के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उन सर्च ऑपरेशन और सबूतों के आधार पर की गई है, जो अल-फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले थे।

ईडी की जांच दो FIR पर आधारित है, जो दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दर्ज की थी। आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद ने फर्जी तरीके से NAAC की मान्यता और UGC की धारा 12(B) के तहत मिलने वाली पहचान का दावा किया, ताकि छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाया जा सके। UGC ने साफ किया है कि यूनिवर्सिटी सिर्फ धारा 2(f) के तहत लिस्टेड है और 12(B) के लिए कभी आवेदन भी नहीं किया।

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ईडी ने की 19 ठिकानों पर छापेमारी 

अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, जिसकी शुरुआत 1995 में हुई थी, पूरी तरह जवाद अहमद सिद्दीकी द्वारा नियंत्रित माना जा रहा है। इसी ट्रस्ट के तहत सभी शैक्षणिक संस्थान चलते हैं। हालांकि ग्रुप ने 90 के दशक से तेजी से विस्तार किया है, लेकिन उतनी ही मजबूत वित्तीय स्थिति नहीं दिखती। ईडी ने आज दिल्ली में 19 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें अल फलाह यूनिवर्सिटी समेत प्रमुख सदस्यों के घर शामिल थे। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये की गैर-कानूनी कमाई को परिवार की कंपनियों में डायवर्ट किया गया। उदाहरण के तौर पर, निर्माण और कैटरिंग के कॉन्ट्रैक्ट सिद्दीकी की पत्नी और बच्चों की कंपनियों को दिए गए।

छापेमारी के दौरान 48 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और कई शेल कंपनियों का भी पता चला। अन्य कई कानूनी उल्लंघनों के भी सबूत मिले हैं। ईडी का कहना है कि ट्रस्ट के फैसलों और पैसों की हेराफेरी में जवाद सिद्दीकी की भूमिका पूरी तरह साबित हो चुकी है—चाहे वह कैश रिकवरी हो, फंड्स की लेयरिंग हो या फिर परिवार की कंपनियों को फायदा पहुंचाना। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईडी ने जवाद को आज गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से रिमांड की मांग की गई है।

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Published By : Amit Dubey

पब्लिश्ड 18 November 2025 at 22:26 IST