UP: अखिलेश यादव ने महाकुंभ में किया संगम स्नान तो तंज कसने लगे BJP के नेता बोले- अब चित्त शांत हो जाएगा

अखिलेश यादव के संगम स्नान पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि अब शायद अखिलेश के मन को शांति मिल जानी चाहिए।

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Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav | Image: X

Akhilesh Yadav Mahakumbh: अखिलेश यादव के महाकुंभ में संगम स्नान पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने तंज कसा है। अखिलेश यादव रविवार 26 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे और उन्होंने त्रिवेणी संगम में 11 डुबकी लगाई। अखिलेश यादव ने इस दौरान सूर्य भगवान को जल अर्पित करते हुए प्रणाम किया। फिलहाल बीजेपी के नेता तंज कसते हुए कह रहे हैं कि उम्मीद है कि संगम स्नान के बाद अखिलेश यादव का चित्त शांत हो जाएगा।

अखिलेश यादव के संगम स्नान पर बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि देर आए दुरुस्त आए। चलिए उम्मीद है कि संगम स्नान के बाद अखिलेश यादव का चित्त शांत हो जाएगा। संगम स्नान करने के बाद मन को शांति मिलती है। अब शायद अखिलेश यादव के मन को शांति मिल जानी चाहिए। राकेश त्रिपाठी ने बयान में आगे कहा- 'लगातार एक महीने से अखिलेश यादव महाकुंभ को लेकर नकारात्मक अफवाहें फैला रहे थे। वो महाकुंभ को अपमानित करने का प्रयास कर रहे थे। आज अखिलेश यादव ने अपनी आंखों से सब व्यवस्थाएं देखी हैं। उम्मीद करते हैं कि वो कुंभ को लेकर अब झूठ बोलना बंद करेंगे। लोगों को डराना बंद करेंगे। अखिलेश यादव कुंभ की भव्यता और दिव्यता पर शायद अब कुछ सकारात्मक लिखेंगे।'

अखिलेश यादव ने संगम में 11 बार डुबकी लगाई

अखिलेश यादव रविवार को तकरीबन 2 बजे प्रयागराज पहुंचे। वहां समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका उत्साह के साथ स्वागत किया। उसके बाद अखिलेश संगम स्नान के लिए पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमें किसी राजनीति में नहीं पड़ना है। जिस दिन मां गंगा ने बुलाया हम आ गए। उन्होंने कहा कि कुंभ का आज सकारात्मक संदेश होना चाहिए।

महाकुंभ में स्नान के बाद अखिलेश यादव कहते हैं, ‘लोग अपनी निजी आस्था लेकर यहां आते हैं। मैंने 11 पवित्र डुबकी लगाईं। जिस दिन मैंने हरिद्वार में डुबकी लगाई- वो दिन एक उत्सव था। आज मुझे यहां पवित्र डुबकी लगाने का अवसर मिला।' एक बयान के जवाब में अखिलेश ने कहा- ‘विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।' उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोगों को इस आयोजन को खेल आयोजन नहीं बनाना चाहिए। मैंने देखा है कि बुजुर्ग लोग जो विभिन्न स्थानों से आ रहे हैं, ऐसा प्रबंधन होना चाहिए था कि किसी को कोई कठिनाई न हो।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड