खाड़ी देशों में भारत का 'सीक्रेट' मिशन! ईरान युद्ध के बीच एक्शन में अजीत डोभाल, सऊदी अरब के बाद UAE क्यों पहुंचे? जानिए क्या बात हुई
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत की।
- भारत
- 2 min read

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया में बदलती सुरक्षा स्थिति रही।
यह बैठक इजरायल-ईरान संघर्ष के बाद पैदा हुए बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। दोनों पक्षों ने सुरक्षा चिंताओं, आर्थिक हितों और आपसी तालमेल की जरूरत की समीक्षा की, क्योंकि इस क्षेत्र में अस्थिरता का असर लगातार बना हुआ है।
भारत ने खाड़ी देशों से संपर्क बढ़ाया
डोभाल की UAE यात्रा, पिछले हफ्ते सऊदी अरब की उनकी हालिया यात्रा के बाद हुई है। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ भारत के चल रहे कूटनीतिक संपर्क अभियान का हिस्सा है। सऊदी अरब की अपनी यात्रा के दौरान, डोभाल ने ऊर्जा और विदेश मामलों को संभालने वाले मंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत का मुख्य जोर द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करने पर था।
पहले सऊदी की यात्रा
एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि डोभाल ने सऊदी के ऊर्जा मंत्री, विदेश मंत्री और अपने सुरक्षा समकक्ष के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत की। जायसवाल ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 19 अप्रैल को सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा की। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री और विदेश मंत्री के साथ-साथ अपने समकक्ष के साथ बैठकें कीं। ये बैठकें क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने में मददगार रहीं।"
Advertisement
भारत ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया
क्षेत्रीय संघर्षों के असर से लेबनान, सीरिया और यमन जैसे देश प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में भारत ने एक सतर्क कूटनीतिक रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।