अपडेटेड 19 February 2026 at 09:18 IST
'आपका 6 मुझे 9 भी तो लग सकता है' AI समिट में 'चाइनीज माल' चेप कर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की थू-थू कराने वाली प्रोफेसर नेहा का इस्तीफा
जिस AI समिट के लिए भारत ने इतनी मेहनत की। जिस समिट की वजह से AI सेक्टर में भारत की बढ़ती भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हुई। जिस समिट को India’s AI Moment कहा जा रहा है।
- भारत
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AI Impact Summit 2026: जिस AI समिट के लिए भारत ने इतनी मेहनत की। जिस समिट की वजह से AI सेक्टर में भारत की बढ़ती भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हुई। जिस समिट को India’s AI Moment कहा जा रहा है। जिस समिट के दम पर भारत दुनिया तक ये संदेश पहुंच रहा है कि हम भी अब अमेरिका और चीन से पीछे नहीं रहेंगे। उस महासम्मेलन में ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी के एक झूठ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की फजीहत करा दी है। यूनिवर्सिटी ने समिट में चीन के रोबोटिक डॉग को अपना बताकर पेश किया। इतना ही नहीं, यूनिवर्सिटी प्रोफेसर नेहा सिंह ने इस झूठ को चिल्ला-चिल्ला कर सच बताने में लग गईं।
अब जब विवाद बढ़ा है तो यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर नेहा सिंह को हटा दिया है। नेहा सिंह हेड ऑफ डिपार्टमेंट कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। हालांकि उनके इस्तीफे को लेकर यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। आपको बता दें कि प्रोफेसर नेहा सिंह का एक वीडियो सामने आया जिसमें वो दावा कर रही थीं कि हमने (यूनिवर्सिटी ने) कभी कुछ डेवलप करने का दावा नहीं किया। डेवलपमेंट का मतलब कुछ डिजाइन करना और बनाना नहीं है।" वीडियो में वो आगे कह रही है कि आपका 6 मुझे 9 भी तो लग सकता है।
क्या है पूरा मामला
इंडिया एआई समिट में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने रोबोट डॉग को दिखाते हुए कहा कि इसका नाम ओरियन है। उन्होंने ये भी कहा कि ये रोबोट यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बनाया गया है। प्रोफेसर ने बताया कि ओरियन कैम्पस में घूमता है और सर्विलांस व मॉनिटरिंग का काम करता है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने तुरंत पकड़ लिया कि ये रोबोट चाइनीज कंपनी यूनिट्री का है। यूनिट्री का गो2 मॉडल ऑनलाइन 2-3 लाख रुपये में मिल जाता है। यूनिवर्सिटी का झूठ सामने आने के बाद भारत सरकार ने समिट से गलगोटिया के पवेलियन को खाली करा दिया।
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प्रोफेसर नेहा सिंह के बारे में जानिए
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से 2006 में MBA किया. इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से B.Com किया था। नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में नवंबर 2023 से काम कर रही हैं। इससे पहले वो शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं और कैरियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर भी रहीं। नेहा GITAM यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुकी हैं। वर्तमान में नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ बिजनेस में हेड ऑफ डिपार्टमेंट कम्युनिकेशंस हैं। वो कोर टेक्निकल फैकल्टी का हिस्सा नहीं हैं।
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बढ़ा विवाद तो नेहा सिंह ने भी दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद प्रोफेसर नेहा सिंह ने PTI से बातचीत में कहा कि वो रोबोट के डेवलपमेंट की डिटेल्स से अनजान थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी ये दावा नहीं किया कि यूनिवर्सिटी ने रोबोट बनाया है। नेहा सिंह ने ये भी कहा कि वीडियो में बातें तेजी से हुईं और उत्साह में कुछ बातें गलत समझ ली गईं। उनका मकसद सिर्फ छात्रों को मोटिवेट करना था कि वो ऐसी टेक्नोलॉजी से आगे बढ़कर कुछ बेहतर बनाएं।
एक दो मीडिया संस्थानों से बातचीत में नेहा सिंह ने यह भी कहा कि आपका 9 मेरा 6 भी हो सकता है इसलिए इस बयान को समझने में गलतफहमी हुई है क्योंकि रोबोडॉग पर पहले से लोगो लगा हुआ है ऐसे में हम दूसरे के रोबोडॉग को अपना कैसे बता सकते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर अभी भी उनके पहले का वीडियो और अभी का वीडियो दोनों वायरल हो रहा है जिसमें फर्क साफ देखा जा सकता है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 08:35 IST