अपडेटेड 20 February 2026 at 14:48 IST

पहले चाइना का रोबोटिक डॉग, अब कोरिया का ड्रोन...AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा ने फिर कराई बेइज्जती- VIDEO

AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) ने जो गलती की उससे लोगों में गुस्‍सा है। सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं, मीम बना रहे हैं।

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पहले चाइना का रोबोटिक डॉग, अब कोरिया का ड्रोन...AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा ने फिर कराई बेइज्जती- VIDEO | Image: X

India AI Impact Summit 2026: AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) ने जो गलती की उससे लोगों में गुस्‍सा है। सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं, मीम बना रहे हैं। यूनिवर्सिटी की प्रोफसर नेहा सिंह ने चीन के रोबोटिक डॉग को अपना बता दिया जिसके बाद से पूरा विवाद शुरू हो गया। हालांकि चर्चा इसपर भी हो रही है कि नेहा सिंह इंटेशनली फेल हुईं या एक्सीडेंटली फंस गईं। लेकिन इन सबके अलावा गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक और करतूत सामने आई है।

इस बार सॉकर ड्रोन (soccer drone) को लेकर यूनिवर्सिटी विवादों में घिर गई है। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दावा किया कि सॉकर ड्रोन को यूनिवर्सिटी ने खुद विकसित किया है। इस ड्रोन का वीडियो सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह ड्रोन असल में एक कोरियाई तकनीक है।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी का यह उत्पाद दक्षिण कोरिया की कंपनी Helsel Group द्वारा विकसित सॉकर ड्रोन से काफी मिलता-जुलता है। यह उत्पाद व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है। यह ड्रोन skyballdrone.com पर उपलब्ध Striker V3 ARF प्रोफेशनल ड्रोन सॉकर सेट से काफी समानता रखता है, जिसकी कीमत लगभग 453 डॉलर यानी करीब 40,800 रुपये है।

क्या है रोबोट डॉग वाला मामला

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इंडिया एआई समिट में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने रोबोट डॉग को दिखाते हुए कहा कि इसका नाम ओरियन है। उन्होंने ये भी कहा कि ये रोबोट यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बनाया गया है। प्रोफेसर ने बताया कि ओरियन कैम्पस में घूमता है और सर्विलांस व मॉनिटरिंग का काम करता है। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने तुरंत पकड़ लिया कि ये रोबोट चाइनीज कंपनी यूनिट्री का है। यूनिट्री का गो2 मॉडल ऑनलाइन 2-3 लाख रुपये में मिल जाता है। यूनिवर्सिटी का झूठ सामने आने के बाद भारत सरकार ने समिट से गलगोटिया के पवेलियन को खाली करा दिया।

प्रोफेसर नेहा सिंह के बारे में जानिए

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से 2006 में MBA किया. इससे पहले उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से B.Com किया था। नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में नवंबर 2023 से काम कर रही हैं। इससे पहले वो शारदा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं और कैरियर लॉन्चर में वर्बल एबिलिटी मेंटर भी रहीं। नेहा GITAM यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुकी हैं। वर्तमान में नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ बिजनेस में हेड ऑफ डिपार्टमेंट कम्युनिकेशंस हैं। वो कोर टेक्निकल फैकल्टी का हिस्सा नहीं हैं।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 20 February 2026 at 14:48 IST