TMC में विधायकों-सांसदों की बड़ी टूट के बाद सड़कों पर उतरीं ममता बनर्जी, हॉकरों के विरोध प्रदर्शन में हुईं शामिल- VIDEO
Mamata Banerjee join protest march by hawkers in Dharmatala: ममता बनर्जी फेरीवालों के प्रदर्शन में शामिल हुईं। वह सड़क पर मानव श्रृंखला बनाकर इसका हिस्सा बनती नजर आई।
- भारत
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Mamata Banerjee news: पश्चिम बंगाल की पूर्व CM और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी पार्टी में विधायकों और सांसदों की टूट के बाद फिर सड़कों पर उतर आई हैं। बुधवार (17 जून) को वह विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। फेरीवालों का समर्थन करते हुए उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। वह धर्मतला में गले पर तख्ती लिए और मानव श्रृंखला बनाते हुए जुलूस में शामिल हुईं। TMC के नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी तृणमूल नेता के साथ जुलूस में शामिल हुए।
मैं हॉकरों के साथ खड़ी थी, हूं और रहूंगी- ममता
इससे पहले भी ममता बनर्जी ने हॉकरों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बंगाल में सत्ता संभालते ही हॉकरों के साथ जिस बर्बरता से पेश आ रही है, उन्हें जबरन हटाने, उनकी छोटी-छोटी दुकानों को तोड़ने और उनकी मजबूरियों की कोई परवाह न करते हुए उन्हें सड़कों पर धकेलने का जो सिलसिला शुरू किया है, उसे देखकर मैं हैरान, बेहद गुस्से में और दुखी हूं।
उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यह अत्याचार करने वालों को महंगा पड़ेगा। मैं इन हॉकरों के साथ खड़ी थी, हूं और हमेशा खड़ी रहूंगी।
इस दौरान ममता ने हॉकरों को जमीनी अर्थव्यवस्था का असली चेहरा बताया था। उन्होंने कहा था कि सड़क के किनारे व्यापार करने वाले ये लोग बड़े-बड़े उत्पादकों और आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। साथ ही वे सस्ती दरों पर जरूरी चीजें लोगों तक आसानी से पहुंचाते हैं। फिर भी उन्होंने यह जरूर कहा कि शहरी विकास और नियोजन के साथ इस व्यवस्था में उचित संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।
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कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन
दरअसल, BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल में रेलवे स्टेशनों और फुटपाथों पर हॉकरों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई तेज हो गई है। जादवपुर, दम दम, हावड़ा, सियालदाह समेत कई जगहों पर दुकानें तोड़ी गई। इसके खिलाफ हॉकरों ने प्रदर्शन शुरू किए हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कुछ जगहों पर कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है।
टूट गई ममता बनर्जी की TMC
ममता बनर्जी अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। विधायकों की बगावत के तुरंत बाद सांसदों में भी भारी टूट शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के एक महीने के अंदर TMC के 80 में से करीब 60 विधायकों के अलग हो जाने के बाद, लोकसभा में भी 28 में से 20 सांसदों ने विद्रोह कर दिया। काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में ये सांसद दो-तिहाई बहुमत का हवाला देकर एक छोटी पार्टी (Nationalist Citizens Party of India) में विलय का ऐलान कर चुके हैं और NDA को समर्थन देने की बात कह रहे हैं।