कोई भी सख्त कार्रवाई नहीं हो...,TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता HC से बड़ी राहत,अगले आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक
कलकत्ता हाई कोर्ट ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज कई FIR के मामले में उनके खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।
- भारत
- 2 min read

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दर्ज तीन FIR के मामलों में जबरन कार्रवाई (coercive action) पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि फिलहाल अभिषेक बनर्जी की हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट के आदेश के बिना उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होगी।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन FIR के मामलों में कोई भी सख्त कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल उनसे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है और उन्हें 30 नवंबर या अगले आदेश तक सख्त कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए।
अभिषेक बनर्जी को HC से बड़ी राहत
सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी के लिए, सख्त कार्रवाई से सुरक्षा और FIR रद्द करने की बनर्जी की याचिका केवल तीन खास मामलों तक ही सीमित रहेगी। वहीं, कोर्ट ने तृणमूल नेता को जांच में सहयोग करने और बुलाए जाने पर पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश भी दिया है। हालांकि, पुलिस को उन्हें पेश होने के लिए बुलाने से कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा।
पुलिस को कोर्ट ने दिया ये आदेश
अपनी याचिका में अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट को यह भी बताया कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज कई FIR के बारे में जानकारी नहीं थी और उन्होंने ऐसे मामलों की सूचना पाने के लिए पुलिस से मदद मांगी थी। सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बनर्जी के खिलाफ दर्ज सभी FIR और शिकायतों की कॉपी उन्हें उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 23 नवंबर को करेगा, जब पुलिस को रिपोर्ट पेश करनी होगी।
Advertisement
आंख के इलाज के लिए जा सकते हैं विदेश
सुनवाई को दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वह आंख के इलाजे के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो बिना झिझक जा सकते हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के सहयोगी सुमित रॉय की दायर याचिका पर सुनवाई 10 सितंबर तक के लिए टाल दी थी और कोर्ट ने राज्य की पुलिस को उनके खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों का ब्योरा सौंपने का निर्देश दिया था। इसके साथ बैंक को बंद खाते को तुरंत चालू करने का भी निर्देश दिया है।