Govt Employees Salary: 8वें वेतन आयोग ने सुझाव देने की डेडलाइन बढ़ाई, सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी संभव; फिटमेंट फैक्टर पर चल रही चर्चा
8वें वेतन आयोग ने सुझाव रखने की लास्ट तारीख बढ़कर 15 जून रख दी है। केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स अभी भी अपनी सिफारिशें दे सकते हैं। जानें फिटमेंट फैक्टर क्या होता है जिसपर अभी चर्चा हो रही है? पूरी खबर पढ़ें।
- भारत
- 2 min read

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के काम की खबर आई है। दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने सुझाव और मांग रखने की लास्ट तारीख बढ़ा दी है। अब 15 जून 2026 तक आप अपनी राय दे सकते हैं। इससे पहले ये डेडलाइन 31 मई तक रखी गई थी। ये दूसरी बार ऐसा हुआ कि आयोग ने फिर समय बढ़ा दी है। इस फैसले से कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स को अपनी बात रखने के लिए और वक्त मिल गया है।
इस तरह ऑनलाइन दे सकते हैं सुझाव
आयोग ने साफ कर दिया है कि सुझाव सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in के जरिए ही लिए जाएंगे। ईमेल, हार्ड कॉपी, पीडीएफ या कोई भी फिजिकल दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कौन दे सकता है सिफारिशें?
केंद्र सरकार के कर्मचारी
पेंशनर्स
रक्षाकर्मी (डिफेंस कर्मी)
अखिल भारतीय सेवा अधिकारी
केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
बाकी अधिसूचित व्यक्ति
फिटमेंट फैक्टर पर चल रही है बातचीत?
फिलहाल कर्मचारी संगठनों और आयोग के बीच सबसे बड़ी चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर चल रही है। ये फैक्टर नई सैलरी और पेंशन तय करने में सबसे अहम भूमिका निभा सकता है। पिछले आयोगों की बात करें तो, 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर था 1.86 और 7वें वेतन आयोग में ये 2.57 रहा। ऐसे में कर्मचारी संगठन इस बार 3.0 से 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अगर 3.8 या 4.0 का फैक्टर मिला तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये से 72,000 रुपये के बीच पहुंच सकती है।
Advertisement
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर (गुणांक) है, जिसका इस्तेमाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए किया जाता है।
आयोग कब देगा रिपोर्ट?
8वें वेतन आयोग से उम्मीद है कि वो गठन के 18 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। जरूरत पड़ने पर बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी जारी की जा सकती है। इसके बाद आयोग की अंतिम सिफारिशों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।