देश के पहले गणतंत्र दिवस पर कौन थे मुख्य अतिथि, कैसे किया जाता है चीफ गेस्ट का चुनाव? जानिए सबकुछ

26 January Republic Day News: इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के चीफ गेस्ट फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron हैं। आइए चीफ गेस्ट के चुनाव के बारे में विस्तार से जा

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Republic Day Special Chief Guest Emmanuel Macron
इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के चीफ गेस्ट फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हैं | Image: AP

26 January Republic Day News: इस साल भारत का गणतंत्र दिवस समारोह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि हमारा देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। आपको बता दें कि समारोह का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में होने वाला है, जहां सुबह 10.30 बजे एक शानदार परेड शुरू होगी और भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि होंगे। जानकारी मिल रही है कि परेड में फ्रांस का 95 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता और 33 सदस्यीय बैंड दस्ता भी हिस्सा लेगा। ऐसे में सवाल ये है कि चीफ गेस्ट का चुनाव कैसे किया जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं।

PC: AP

 

कैसे होता है गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि का चुनाव?

गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना किसी देश द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। मुख्य अतिथि कई औपचारिक गतिविधियों में सबसे आगे और केंद्र में होता है। शाम में राष्ट्रपति भवन में एक रिसेप्शन का आयोजन किया जाता है, जिसमें मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किया जाता है। उनके सम्मान में प्रधान मंत्री दोपहर के भोजन का भी आयोजन करते हैं और उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री से भी उनकी मुलाकात होती है।

आपको बता दें कि चीफ गेस्ट के चुनाव के लिए 6 महीने पहले से ही प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसमें सबसे अहम पॉइंट ये भी रहता है कि उस देश का भारत के साथ संबंध कैसा है। चीफ गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया जाना उस देश और भारत के बीच अटूट दोस्ती का भी एक उदाहरण कहा जाता है। इसमें विदेश मंत्रालय की बड़ी भूमिका होती है, जो इस मौके पर मुख्य अतिथि के साथ मिलकर उस देश के साथ अपने संबंधों को और भी अधिक मजबूत करने का भी प्रयास करते हैं।

Advertisement
PC: PTI

 

देश के पहले गणतंत्र दिवस पर कौन थे मुख्य अतिथि?

भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था। उस वक्त रिपब्लिक डे परेड के पहले मुख्य अतिथि इंडोनेसिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो थे। आपको बता दें कि 1950 से लेकर 1954 तक रिपब्लिक डे परेड इरविन स्टेडियम में आयोजित किया गया था, जो आज मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। वहीं, 1955 के बाद राजपथ पर रिपब्लिक डे परेड आयोजित किया जाता है, जिसे अब कर्तव्य पथ के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 8 सितंबर 2022 को कर्तव्य पथ का उद्घाटन किया था।

PC: PTI

 

कैसा होगा इस साल का रिपब्लिक डे?

'विकसित भारत' और 'भारत-लोकतंत्र की मातृका' थीम के साथ 26 January 2024 को कर्तव्य पथ पर 75वीं गणतंत्र दिवस परेड महिला केंद्रित होगी। 19 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि महिला मार्चिंग टुकड़ियां परेड का प्रमुख हिस्सा होंगी, जिसमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (UT) और केंद्रीय मंत्रालयों/संगठनों की अधिकांश झांकियां शामिल होंगी।

Advertisement
PC: PTI

परेड में पहली बार सभी महिलाओं की त्रि-सेवा टुकड़ी भी कर्तव्य पथ पर मार्च करती हुई दिखाई देगी। CAPF की टुकड़ियों में महिला कर्मी भी शामिल होंगी। रक्षा सचिव ने कहा कि इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा।

आपको बता दें कि इस साल के परेड के लिए 13 हजार से ज्यादा स्पेशल गेस्ट को न्योता दिया गया है। रक्षा सचिव ने कहा कि इसका उद्देश्य सरकार के जन भागीदारी के दृष्टिकोण के अनुरूप जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों को राष्ट्रीय उत्सव में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि ये मेहमान देश का गौरव हैं।

ये भी पढ़ेंः PM मोदी ने एक नई योजना लॉन्च करने का किया ऐलान, क्या है प्रधान मंत्री सूर्योदय योजना, क्यों है अहम?

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड