ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगेगी अश्लील कंटेंट पर रोक! सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस जारी
Supreme Court Notice to OTT Platforms: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, एएलटीटी, उल्लू और सोशल प्लेटफॉर्म को एक नोटिस जारी किया है।
- मनोरंजन समाचार
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Supreme Court Notice to OTT Platforms: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार यानि 28 अप्रैल को केंद्र, प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, एएलटीटी (ऑल्ट बालाजी), उल्लू और सोशल प्लेटफॉर्म को एक नोटिस जारी किया है। ये नोटिस ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के लिए जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का ये कदम तब आया है जब केंद्र से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट के खिलाफ एक्शन लेने के लिए निर्देश मांगने वाली एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का कंटेंट चिंता पैदा करता है और केंद्र को इस बारे में कुछ करना चाहिए।
ओटीटी पर अश्लील कंटेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने जनहित याचिका पर गौर किया जिसमें "वास्तविक चिंता" जताई गई थी। बेंच ने फिर अपना आदेश सुनाया जिसमें कहा कि ‘यह याचिका ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, अश्लील और अभद्र कंटेंट को लेकर चिंता पैदा करती है’। विद्वान सॉलिसिटर जनरल ने निष्पक्ष रूप से कहा है कि ‘कंटेंट विकृति की हद तक भी जाता है’। उन्होंने कहा कि कुछ और रेगुलेशन लगाने पर विचार किया जा रहा है।
कोर्ट ने केंद्र, नेटफ्लिक्स, प्राइम, ऑल्ट बालाजी, उल्लू डिजिटल, मुबी, एक्स कॉर्प, गूगल, मेटा इंक और एप्पल को नोटिस भेजा है। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र से अश्लील कंटेंट पर नियमन लाने पर विचार करने को कहा था।
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अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार उठाएगी कदम
बता दें कि इस जनहित याचिका में केंद्र सरकार से नेशनल कंटेंट कंट्रोल ऑथोरिटी (NCCO) का गठन करने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ओटीटी प्लेटफॉर्म को अश्लीलता को रोकने के लिए दिशानिर्देश तय करने चाहिए।
वहीं कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इस याचिका को अन्यथा नहीं ले रही। उनकी चिंता इसे लेकर भी है कि “कैसे बच्चों पर भी इसका असर पड़ रहा है। इन शो की भाषा न केवल अश्लील है, बल्कि विकृत भी है। इसे तो दो मर्द भी आपस में बैठकर नहीं देख सकते। केवल 18 प्लस की वॉर्निंग आती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बच्चों तक इस कंटेंट की पहुंच नहीं है”।