Spoiler Alert: 'उसने मेरा भ्रम तोड़ दिया...', मिहिर के सच से अनजान तुलसी ने खाई ये कसम; क्या KSBKBT2 में आने वाला है बड़ा ट्विस्ट?
KSBKBT 2 Spoiler: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में आज एक ओर मिहिर गायत्री से अपनी पत्नी के बारे बताएगा। वहीं दूसरी ओर तुलसी अपना इरादा मजबूत करेगी।
- मनोरंजन समाचार
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KSBKBT 2 Spoiler: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में लगातार हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। कुछ दिनों पहले शो में 6 साल का लीप दिखाया गया। लीप के बाद शो के लगभग हर एपिसोड में जबरदस्त ट्विस्ट एंड टर्न्स आ रहे हैं।
शो में एक पल ऐसा भी रहा जिसका दर्शकों को सबसे ज्यादा इंतजार था। वो पल सालों की जुदाई के बाद तुलसी-मिहिर की पहली मुलाकात का था। अब तक तुलसी और मिहिर का आमना-सामना हो चुका है। तुलसी को अपने सामने देख मिहिर हक्का-बक्का रह गया। वहीं तुलसी के जख्म भी हरे हो गए।
तुलसी के बारे में गायत्री को बताएगा मिहिर
शो के सामने आए प्रोमो में मिहिर ने खुद को तुलसी के आगे बेहद स्ट्रॉन्ग और खुश दिखाया। लेकिन अंदर से वो असहनीय दर्द से गुजर रहा है। घर पहुंचते ही मिहिर गायत्री को बताएगा कि उसकी मुलाकात तुलसी से हुई। इतना सुनते ही पहले तो गायत्री चौंक जाएगी, फिर उसे वापर घर ले आने को कहेगी।
वो हमारी तुलसी नहीं है- मिहिर
इसी दौरान मिहिर सालों से दिल में दबे दर्द के साथ रोते हुआ गायत्री से कहता है, 'वो हमारी तुलसी नहीं है चाची। हमारा उस पर कोई हक नहीं है। हम सब अपना हक खो चुके हैं। मैं उसे भूल चुका है, जिंदगी में आगे बढ़ गया हूं। मैंने कहा कि मुझे उसकी जरूरत नहीं है चाची।'
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अपने दिल का दर्द बयां करेगी तुलसी
दूसरी ओर सच से अनजान तुलसी ये सोचकर एक बार फिर निराश हो जाती है कि जिस मिहिर के लिए उसने अपनी पूरी जिंदगी दे दी, वो आज किसी ओर का हो चुका है। उसका दिल किसी ओर के लिए धड़कने लगा है।
वैष्णवी से बात करते हुए तुलसी अपने दिल का दर्द बयां करेगी। तुलसी कहती है कि, 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ उसी के लिए जी, वो जिंदगी जो मेरे पति के लिए मायने ही नहीं रखती थी।'
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'…ताकि कोई मिहिर फिर तुलसी को न कुचले'
मिहिर ने तुलसी के आगे अपना सच नहीं बताया। ऐसे में तुलसी गलतफहमी के साथ आगे बढ़ रही है। वो ठानते हुए कहती है, 'अच्छा हुआ जो उसने मेरा भ्रम तोड़ दिया। भागूंगी नहीं। अब उनकी लड़कियों को इतना काबिल बनाऊंगी कि कोई भी मिहिर दोबारा अपनी तुलसी को कुचल न सके।'