Jana Nayagan Review: थलपति विजय का जबरदस्त एक्शन और राजनीति का तड़का है 'जन नायगन', फैंस ने बताया 'ब्लॉकबस्टर'! जानें कैसी है फिल्म?

Jana Nayagan Movie Social Media Review: तमिल नाडु के सीएम विजय की आखिरी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर फैंस फिल्म की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

Jana Nayagan movie social media review jan neta cm vijay thalapathy
जन नायगन सोशल मीडिया रिव्यू | Image: Social Media

Jana Nayagan Movie CM Vijay Thalapathy: थियेटर में गूंजती सीटियां, हर डायलॉग पर बजती तालियां और जश्न का माहौल ये नजारा है थलपति विजय की नई फिल्म 'जन नायगन' (जन नेता) का है। सिनेमाघरों का माहौल किसी क्रिकेट स्टेडियम जैसा लग रहा है। अब राजनीति में कदम रख चुके और फैंस के बीच 'सीएम विजय' के नाम से मशहूर हो रहे विजय के लिए, यह फिल्म उनके शानदार फिल्मी सफर का एक परफेक्ट ट्रिब्यूट है।

डायरेक्टर एच. विनोथ ने इस फिल्म को तेलुगु हिट 'भगवंत केसरी' से प्रेरित होकर बनाया है, लेकिन इसे एक साधारण एक्शन फिल्म के बजाय एक हाई-ऑक्टेन पॉलिटिकल थ्रिलर का रूप दे दिया है। तो चलिए जानते हैं कैसी है यह फिल्म।

फिल्म की कहानी क्या है?

फिल्म की कहानी शुरू होती है थलपति वेत्री कोंडन उर्फ TVK (विजय) से, जो एक पूर्व पुलिस अफसर हैं और फिलहाल जेल की सजा काट रहे हैं। 15 अगस्त को रिहा होने के बाद, विजय एक दिवंगत जेलर की बेटी विजी (ममिता बैजू) की देखभाल का जिम्मा उठाते हैं।

कहानी में असली रोमांच तब आता है जब खूंखार और निर्दयी क्रिमिनल जॉन हेमलर (बॉबी देओल) की एंट्री होती है। जॉन का अतीत क्या था और वह इतना खतरनाक कैसे बना, यह कहानी के दूसरे हाफ में खुलता है। जब विजी का अपहरण हो जाता है, तब विजय और बॉबी देओल के बीच जबरदस्त आमना-सामना होता है।

Advertisement

कलाकारों का प्रदर्शन

पूरी फिल्म पर विजय का राज है। उनकी एंट्री, स्लो-मोशन वॉक, डांस और एक्शन सीन्स इतने कमाल के हैं कि आप पलकें नहीं झपका पाएंगे। एक पिता के रूप में उनके इमोशनल सीन्स भी दिल छू लेते हैं। खूंखार क्रिमिनल के रोल में बॉबी देओल ने स्क्रीन पर आग लगा दी है। उनका लुक और बैकग्राउंड म्यूजिक मिलकर रोंगटे खड़े कर देते हैं।
पत्रकार के रूप में पूजा हेगड़े ने अच्छा काम किया है और विजय के साथ उनकी केमिस्ट्री बेहतरीन लगी है। ममिता बैजू ने भी एक्शन और इमोशन में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रकाश राज, गौतम मेनन और प्रियामणि जैसे दिग्गजों ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।

म्यूजिक और तकनीकी पहलू

फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड म्यूजिक है। विलेन की एंट्री हो या विजय का एक्शन, म्यूजिक हर सीन में जान डाल देता है।  आउटडोर शूटिंग और रियल एक्शन सीन्स बहुत शानदार शूट किए गए हैं। फिल्म में जहां CGI, VFX और AI का इस्तेमाल हुआ है, वहां काम थोड़ा कच्चा लगता है। साथ ही, कुछ जगहों पर डायरेक्शन थोड़ा बिखरा हुआ महसूस हो सकता है, लेकिन विजय का स्टारडम इसे कवर कर लेता है।

Advertisement

राजनीति और समाज के लिए संदेश

'जन नायगन' सिर्फ मार-धाड़ वाली फिल्म नहीं है। यह फिल्म बड़े ही बेबाक तरीके से लोकतंत्र, संस्थागत भ्रष्टाचार और राजनेताओं के स्वार्थ जैसे गंभीर मुद्दों पर चोट करती है।

विजय का जेल से हाथ में संविधान की कॉपी लेकर बाहर आना एक बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश देता है। फिल्म महिला सशक्तिकरण और 'गुड टच-बैड टच' जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी बहुत ही सहजता से समझाती है।

फैंस के लिए खास सरप्राइज

फिल्म में मशहूर डायरेक्टर्स एटली, लोकेश कनगराज, नेल्सन दिलीप कुमार और म्यूजिक डायरेक्टर अनिरुद्ध के कैमियो हैं, जो विजय को सिनेमा से एक ग्रैंड विदाई देते हैं।

क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?

Uploaded image

बिल्कुल! अगर आप थलपति विजय के फैन हैं या आपको एक अच्छी एक्शन-मैसेज वाली फिल्म देखना पसंद है, तो 'जन नायगन' आपको निराश नहीं करेगी। हालांकि फिल्म थोड़ी लंबी जरूर है, इसलिए अपना पूरा समय निकालकर जाएं। साउथ में तो इस फिल्म ने तूफान ला दिया है, और इसके दमदार राजनीतिक डायलॉग्स पूरे देश के दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देंगे।

यह जरूर पढ़ें: Dhamaal 4 Review: खराब VFX या घिसी-पिटी कॉमेडी, जानें फिल्म को दर्शकों ने किया पास या फेल

Published By:
 Samridhi Breja
पब्लिश्ड