Dhamaal 4 Movie Review: खराब VFX या घिसी-पिटी कॉमेडी, जानें अजय देवगन की फिल्म को सोशल मीडिया यूजर्स ने किया पास या फेल?
Dhamaal 4 Social Media Review: कॉमेडी फ्रेंचाइजी 'धमाल' का चौथा पार्ट यानी 'धमाल 4' नजदीकी सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। ऐसे में फिल्म की कॉमेडी से लेकर स्पेशल इफेक्ट्स तक सभी के सोशल मीडिया रिव्यू जानने के लिए स्टोरी को आखिर तक पढ़ें।
- मनोरंजन समाचार
- 3 min read

Dhamaal 4 Movie Social Media Review In Hindi: बॉलीवुड की सबसे मशहूर और चहेती कॉमेडी फ्रेंचाइजी 'धमाल' का चौथा पार्ट यानी 'धमाल 4' आ चुका है। साल 2007 में शुरू हुए इस सफर के पिछले तीनों पार्ट्स ने दर्शकों को खूब हंसाया था। जब 'धमाल 4' का ट्रेलर रिलीज हुआ, तो लगा कि इस बार भी पर्दे पर हंसी का जबरदस्त तड़का लगेगा। लेकिन फिल्म देखने के बाद ऐसा लगता है कि ज्यादा उम्मीदें लगाना भारी पड़ गया। तो चलिए जानते हैं 'धमाल 4' का सोशल मीडिया रिव्यू क्या है?
क्या है 'धमाल 4' की कहानी?
फिल्म की कहानी एक बार फिर लालच और खजाने की खोज पर ही टिकी है। इस बार मामला डाकू शैतान सिंह के 100 साल पुराने खजाने का है। खजाने को लूटने के लिए तीन टीमें मैदान में उतरी हैं। इसमें गुड्डू (अजय देवगन)- जॉनी (संजय मिश्रा), आदी (अरशद वारसी) मानव (जावेद जाफरी) और लल्लन (रितेश देशमुख) शामिल हैं। इन सभी को पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) के जरिए इस खजाने का पता चलता है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट यह है कि इस खजाने के पीछे एक खतरनाक समुद्री डाकू अधूरा (रवि किशन) भी पड़ा है। अब यह खजाना किसे मिलेगा और रास्ते में क्या-क्या मुश्किलें आएंगी, यही फिल्म की कहानी है।
हंसी कम, बोरियत ज्यादा?
धमाल फ्रेंचाइजी हमेशा से अपनी 'सिचुएशनल कॉमेडी' के लिए जानी जाती है, लेकिन चौथे पार्ट में यही सबसे ज्यादा मिसिंग है। अगर आप अपना दिमाग घर रखकर भी फिल्म देखने जाएंगे, तो भी इसके जोक्स आपको नहीं हंसा पाएंगे। डायरेक्टर इंद्र कुमार ने कुछ नया करने के बजाय पुरानी फिल्मों के सीन्स और रेफरेंस ठूंस दिए हैं। फिल्म हंसाने के बजाय कई जगह आपको बोर करने लगती है। हालांकि, फिल्म के अंत में दिखाए गए इमोशनल सीन्स थोड़े ठीक लगते हैं।
VFX बना फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी
'धमाल 4' को सबसे ज्यादा नुकसान इसके खराब VFX ने पहुंचाया है। कहानी की डिमांड के हिसाब से कुछ सीन्स असल जिंदगी में शूट करना मुश्किल था, लेकिन मेकर्स ने जिस तरह के कंप्यूटर ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया है, वह पर्दे पर बेहद नकली लगता है।
Advertisement
हालांकि, फिल्म में पहाड़ से लटकने वाला एक सीन है, जिसके बारे में अरशद वारसी ने बताया था कि वह असली लोकेशन पर शूट हुआ है। वह सीन सच में रोमांचक है, लेकिन बाकी पूरी फिल्म का नकली VFX आपकी आंखों को चुभता है और मूड खराब कर देता है।
एक्टर्स की परफॉर्मेंस कैसी रही?
इतनी बड़ी स्टारकास्ट होने के बावजूद कोई भी एक्टर फिल्म को डूबने से पूरी तरह बचा नहीं पाया।
Advertisement
- अरशद वारसी और जावेद जाफरी: आदी और मानव की जोड़ी ने हमेशा की तरह अपना काम बढ़िया किया है।
- अजय देवगन और संजय मिश्रा: इनकी जुगलबंदी ठीक-ठाक है। अजय देवगन ने अपनी स्टार पावर से फिल्म को थोड़ा उठाने की कोशिश जरूर की है।
- रितेश देशमुख: ये काफी निराश करते हैं। कई सीन्स में उनकी कॉमेडी बहुत 'जबरदस्ती' की लगती है। अंजलि आनंद के साथ उनकी जोड़ी भी खास कमाल नहीं दिखा पाई।
- अन्य कलाकार: संजीदा शेख, रवि किशन और उपेंद्र लिमये ने अपने-अपने रोल में ठीक काम किया है।
फिल्म देखें या नहीं?
अगर आप 'धमाल' फ्रेंचाइजी के बहुत बड़े फैन हैं और पुराने किरदारों को पर्दे पर फिर से देखने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं, तो इसे एक मौका दे सकते हैं। फिल्म का म्यूजिक भी ऐसा नहीं है जो आपको याद रह जाए। जाते-जाते आपको बता दें कि फिल्म खत्म होने से पहले ही मेकर्स ने 'धमाल 5' की अनाउंसमेंट भी कर दी है। उम्मीद है कि अगले पार्ट में वे पुरानी गलतियों से सीखेंगे।
यह जरूर पढ़ें: शरवरी के आगे फीकी पड़ी आलिया? ऋतिक की एंट्री ने मार ली बाजी