नेशनल अवार्ड मिलने के बाद कार्तिक आर्यन पहुंचें ‘लालबाग के राजा' के दरबार...हाथ जोड़े, माथा टेका और गणेश जी के चरणों में सौंपा सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया। यह कार्तिक के करियर में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस कारण गुजरात में मिले इस पुरस्कार को कार्तिक सीधे मुंबई के ‘लालबाग के राजा’ के दरबार ले गए।
- मनोरंजन समाचार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया। यह कार्तिक के करियर में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस कारण गुजरात में मिले इस पुरस्कार को कार्तिक सीधे मुंबई के ‘लालबाग के राजा’ के दरबार ले गए।
इस समय गणपति महोत्सव के कारण ’लाल बाग के राजा' अभी मुंबई में मौजूद हैं और इस सुनहरे अवसर का कार्तिक ने बखूबी इस्तेमाल किया है। कार्तिक ने ‘लालबाग के राजा’ के चरणों में पहुंचकर बप्पा को इस पुरस्कार के लिए धन्यवाद देते हुए आभार जताया।
कार्तिक ने शेयर की फ़ोटो
कार्तिक आर्यन ने अपने एक्स अकाउंट पर फ़ोटो शेयर की। इस फोटो में कार्तिक ने गणपति बाप्पा के चरणों में अपना राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार रखा। और फिर अपना माथा गणेश जी के चरणों में टेकते हुए पुरस्कार मानो उनको समर्पित कर दिया।
इस फोटो के साथ कार्तिक आर्यन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा “मेरे प्रभु, जो खुशियाँ लाते हैं और दुखों को दूर करते हैं। असीम आशीर्वाद, धन्यवाद, बप्पा।”
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बहुत खुशी का पल है
कार्तिक आर्यन ने बप्पा के दर्शन करने के बाद कहा "यह मेरे परिवार और अपनों के लिए बहुत खुशी का पल है। गणपति बप्पा के दर्शन का मौका मिलना बहुत बड़ी बात है।"
भक्तों की भीड़ के बीच पहुंचें कार्तिक
'लालबाग के राजा’ के दर्शन करने जब कार्तिक आर्यन पहुंचें तो उस दौरान भक्तों का तांता लगा हुआ था। हालांकि वीआईपी होने के नाते कार्तिक आर्यन ने बहुत आराम से दर्शन करें।
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कार्तिक आर्यन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट भी लिखी जिसमें उन्होंने अपने जीवन की इस यात्रा का जिक्र किया।
कार्तिक ने कहा “ग्वालियर के उस 'मम्माज़ बॉय' (माँ के लाडले) को प्यार और मुस्कान के साथ याद कर रहा हूँ, जिसने ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखने की हिम्मत की, जहाँ लोग ऐसे सपनों पर हँसकर आगे बढ़ जाते हैं। आखिरकार, मैंने वह पल देखा और जिया... उत्साह और घबराहट से अभी भी सुन्न हूँ…एक छोटे से शहर के लड़के का सपना…देश के हर एक्टर का सपना।”
चंदू नहीं, चैंपियन हूँ मैं’
कार्तिक आर्यन ने आगे कहा “बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड ‘चंदू नहीं, चैंपियन हूँ मैं’। मैं कबीर सर और साजिद सर का हमेशा आभारी और ऋणी रहूँगा कि उन्होंने मुझ पर भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड चैंपियन - मुरलीकांत पेटकर सर का किरदार बड़े पर्दे पर निभाने की ज़िम्मेदारी सौंपी। यह सफ़र बहुत दर्दनाक था, लेकिन इसका नतीजा रसमलाई जितना ही मीठा है! मैं एक ही समय में विनम्र और भावुक महसूस कर रहा हूँ।”
कार्तिक ने कहा “इस लंबे सफ़र में मेरे साथ हमेशा रहने वाले साथी थे - खुद पर मेरा भरोसा, मेरी ताकत - मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, उनका बिना शर्त प्यार और साथ, हर उस मोड़ पर दोस्तों का हौसला बढ़ाना जब मैं उम्मीद खो रहा था, और मेरी टीम, जो मेरे काम को आसान बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करती है। इस नामुमकिन सफ़र का हिस्सा बनने वाले सभी लोगों का शुक्रिया।”
कार्तिक आर्यन ने यह भी कहा "मैं अपने इस सबसे बड़े सम्मान को देश के हर पैरालंपियन और उन सभी लोगों के साथ साझा करना चाहूँगा जो नामुमकिन सपना देखने की हिम्मत करते हैं और कभी हार नहीं मानते! इस पल के लिए सम्मानित जूरी, I&B मिनिस्ट्री और माननीय राष्ट्रपति का धन्यवाद। आखिर में, मैं यही मानना और कहना चाहूँगा कि यह तो बस और भी कई उपलब्धियों की शुरुआत है..गणपति बप्पा मोरया 🙏।"