'यह साधारण नहीं, पवित्र है...'LIVE Concert में फैन की T-Shirt देखकर चौंके दिलजीत दोसांझ, बीच शो में कॉन्सर्ट रोककर दिखाई श्रद्धा
पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के एक लाइव कॉन्सर्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिलजीत का अपनी संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के प्रति गहरा आदर देखने को मिला। शो के दौरान जब दिलजीत की नजर भीड़ में मौजूद एक फैन पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत अपना कॉन्सर्ट बीच में ही रोक दिया।
- मनोरंजन समाचार
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पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ न केवल अपनी दिलकश गायकी और दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपने सादगी भरे व्यवहार और फैंस के प्रति सम्मान के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। दिलजीत के लाइव शो का क्रेज दुनिया भर में सिर चढ़कर बोलता है। हाल ही में इटली के मिलान में आयोजित उनके कॉन्सर्ट से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह जमीनी स्तर से जुड़े कलाकार क्यों कहलाते हैं।
कॉन्सर्ट में विदेशी फैन का टी-शर्ट जेस्चर
मिलान में हुए इस कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने स्टेज पर एक विदेशी फैन को बुलाया। उस फैन ने एक कस्टम-प्रिंटेड सफेद टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिस पर दिलजीत दोसांझ के नाम के साथ सिख धर्म का पवित्र शब्द 'इक ओंकार' लिखा हुआ था। बता दें कि 'इक ओंकार' सिख धर्म का एक बेहद पवित्र और मूल मंत्र है, जिसका अर्थ होता है, 'ईश्वर एक है'।
दिलजीत की विनम्र अपील और आस्था का सम्मान
जैसे ही दिलजीत की नजर उस टी-शर्ट पर पड़ी, उन्होंने बहुत ही सौम्यता से उस फैन से बातचीत की। उन्होंने बेहद प्यार और आदर के साथ फैंस से गुजारिश की कि उनके नाम को इस पवित्र शब्द के साथ न जोड़ा जाए। स्टेज पर फैन को समझाते हुए दिलजीत ने कहा, 'इक ओंकार के साथ मेरा नाम मत लिखो। यह बेहद पवित्र और अनमोल है। मैं आपकी भावनाओं की कद्र करता हूं, लेकिन यह बहुत बड़ा शब्द है।' दिलजीत यहीं नहीं रुके, उन्होंने बड़े दिल का परिचय देते हुए फैन को स्टेज के बीच में लाया और दर्शकों से कहा कि हो सकता है फैन को इसके बारे में जानकारी न हो, इसलिए उसे माफ कर दिया जाए।
फैन ने मांगी माफी और जताया आभार
दिलजीत की बात सुनते ही फैन ने तुरंत स्टेज पर हाथ जोड़कर सभी से माफी मांगी। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में भी उस फैन ने अपनी बात रखी। उसने लिखा कि टी-शर्ट डिजाइन करते वक्त उससे यह अनजाने में हुआ और उसका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उसने यह भी बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता है और इस असुविधा के लिए दिल से माफी चाहता है।
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