ससुराल से शुरुआत... Vinesh Phogat की पहली रैली; क्या जुलाना में आसान होगी जीत की राह?
Julana Election: पहलवान से राजनेता बनीं विनेश फोगाट अपने पति के पैतृक गांव बक्ता खेड़ा से चुनावी कैंपेन की शुरुआत की है। उन्होंने रोड-शो निकाला है।
- चुनाव न्यूज़
- 2 min read

Haryana Election: 'मुझे नहीं पता पॉलिटिक्स का'... कुछ दिनों पहले बयान देने वालीं पहलवान विनेश फोगाट अब राजनीति के अखाड़े में उतर चुकी हैं। विनेश फोगाट ने कांग्रेस का हाथ पकड़ा है। वही कांग्रेस जिनके लिए वो कह रही हैं कि रेसलिंग विवाद के दौरान ये पार्टी उनके साथ खड़ी थी। बीजेपी उस रेसलिंग विवाद को कांग्रेस की साजिश बताती है। खैर, कुश्ती के अखाड़े से राजनीति के मैदान में आने के बाद विनेश फोगाट ने अब अपना अभियान शुरू कर दिया है।
कांग्रेस पार्टी ने पहलवान विनेश फोगाट को जींद जिले की जुलाना विधानसभा सीट से टिकट दिया है। दो दिन पहले (6 अगस्त को) ही विनेश फोगाट ने कांग्रेस ज्वाइन की थी और ठीक उसी दिन पार्टी से विधानसभा चुनाव का टिकट उन्हें मिल गया। जुलाना विनेश फोगाट का ससुराल है और अब उन्होंने यहां चुनाव का प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।
विनेश फोगाट ने निकाला रोड शो
पहलवान से राजनेता बनीं विनेश फोगाट अपने पति के पैतृक गांव बक्ता खेड़ा से चुनावी कैंपेन की शुरुआत की है। उन्होंने रोड-शो निकाला है। कई खाप पंचायतों ने विनेश फोगाट का स्वागत किया। जुलाना से कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट कह रही हैं कि कुश्ती में मैंने जो भी जीता, वह लोगों की बदौलत जीता। उम्मीद है कि इसमें भी सफलता मिलेगी।
क्या जुलाना में जीतना विनेश के लिए आसान?
जुलाना विधानसभा सीट कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। कांग्रेस का रिकॉर्ड ये है कि 15 साल से जुलाना की जनता कांग्रेस पार्टी को नकारती आ रही है। 2009 और 2014 में इनेलो के प्रत्याशी परमिंदर सिंह को जीत मिली तो 2019 में इनेलो से ही अलग होकर बनीं दुष्यंत चौटाला की जेजेपी पार्टी के नेता को जीत मिली। ये रिकॉर्ड विनेश फोगाट की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। बहरहाल, जिस तेवर के साथ विनेश फोगाट जुलाना से मैदान में उतरी हैं, उसका फायदा चुनाव में होगा या नहीं, ये 8 अक्टूबर को पता चल पाएगा।