कौन हैं योगेश बैरागी, जिनको BJP ने जुलाना में विनेश फोगाट के सामने उतारा; क्या है इसके पीछे की सोच?
भारतीय जनता पार्टी ने आगामी हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए अपनी दूसरी सूची में जुलाना से योगेश बैरागी का नाम घोषित किया, जो विनेश फोगाट से मुकाबला करेंगे।
- चुनाव न्यूज़
- 3 min read

Captain Yogesh Bairagi: हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। विनेश फोगाट के चुनावी अखाड़े में उतरने के बाद जुलाना हाईप्रोफाइल सीट बन चुकी है। अब विनेश फोगाट के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना दांव चल दिया है। बीजेपी ने एयर इंडिया के पूर्व पायलट कैप्टन योगेश बैरागी को कांग्रेस उम्मीदवार और पेरिस ओलंपिक स्टार विनेश फोगट के खिलाफ जुलाना विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया।
भारतीय जनता पार्टी ने आगामी हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए अपनी दूसरी सूची में जुलाना से योगेश बैरागी का नाम घोषित किया। कैप्टन योगेश बैरागी ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का उन पर भरोसा जताने के लिए दिल से आभार जताया है। जुलाना से पूर्व पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ मैदान में उतरे बैरागी ने अपने क्षेत्र के लोगों से उन पर भरोसा जताने की अपील की।
कौन हैं योगेश बैरागी?
35 साल के योगेश बैरागी वर्तमान में हरियाणा बीजेपी की युवा शाखा के उपाध्यक्ष हैं। वो जींद जिले के सफीदों के रहने वाले हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने एयरइंडिया में बतौर पायलट काम किया। बताया जाता है कि राजनीति में आने का उनका फैसला काफी हद तक उनके पैतृक गांव की चुनौतियों, विशेष रूप से बेरोजगारी के मुद्दे से प्रभावित था।
योगेश बैरागी को उस समय देश में पहचान मिली जब, उन्होंने एयर इंडिया में पायलट रहते हुए चेन्नई बाढ़ के दौरान बचाव और राहत काम में भागीदारी निभाई और उसके बाद कोविड-19 महामारी के दौरान फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 'वंदे भारत' मिशन में वो शामिल रहे। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनकी प्रशंसा, विशेषकर वंदे भारत मिशन की सफलता, ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
Advertisement
बीजेपी ने क्यों लगाया बैरागी पर दांव?
भारतीय जनता पार्टी ने योगेश बैरागी को जुलाना से मैदान में उतारा है, तो उसके पीछे की एक बड़ी जगह भी है। खैर उसके पहले आपको जुलाना विधानसभा क्षेत्र की जमीनी स्थिति को समझाते हैं। जुलाना विधानसभा क्षेत्र जाट बाहुल है। तकरीबन 80 हजार जाट वोटर्स बताए जाते हैं, जबकि दूसरे वोटर्स की बात करें तो उसमें पिछड़ा वर्ग से करीब 33 हजार और एससी वर्ग से 29 हजार से अधिक वोटर्स आते हैं।
Advertisement
योगेश बैरागी एक गैर जाट कैंडिडेट हैं और वो ओबीसी वर्ग से आते हैं। उनके जरिए बीजेपी ने कहीं ना कहीं ओबीसी वर्ग को साधने की कोशिश की है, लेकिन इसको भी समझना होगा कि जुलाना सीट पार्टी के लिए हमेशा चुनौती भरी रही है। बीजेपी को कभी इस सीट पर जीत नहीं मिली है। कांग्रेस की बात करें तो पार्टी 15 साल से जुलाना में जीत नहीं पाई है। फिलहाल दोनों पार्टियों ने जुलाना में झंडा गाड़ने के लिए जोर लगा दिया है।
हरियाणा में 5 अक्टूबर को चुनाव
हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 5 अक्टूबर को होगा और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है। मतगणना 8 अक्टूबर को होगी। 2019 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं। इस बार बीजेपी को उम्मीद है कि वो चुनाव जीतने के साथ सरकार में लौटने की हैट्रिक लगाएगी। हालांकि 10 साल से सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस इस बार चुनाव में पार्टी को जीवित रखने की लड़ाई लड़ रही है।