उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर वोटिंग जारी, सुबह 11 बजे तक 20.51 प्रतिशत मतदान
उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सुबह 11 बजे तक औसत मतदान 20.51 प्रतिशत रहा। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने यह जानकारी दी।
- चुनाव न्यूज़
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UP BY-Polls: उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सुबह 11 बजे तक औसत मतदान 20.51 प्रतिशत रहा। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने यह जानकारी दी।
सभी सीट पर बुधवार को सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया जो शाम पांच बजे तक चलेगा। सुबह साढ़े 11 बजे राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, गाजियाबाद में 12.87 प्रतिशत, कटेहरी में 24.28 प्रतिशत, खैर में 19.18 प्रतिशत, कुंदरकी में 28.54 प्रतिशत, करहल में 20.71 प्रतिशत, मझवां में 20.41 प्रतिशत, मीरापुर में 26.18 प्रतिशत, फूलपुर में 17.68 प्रतिशत, सीसामऊ में 15.91 प्रतिशत मतदान हुआ।
इन सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी
निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की मीरापुर, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर (अनुसूचित जाति के लिये सुरक्षित), करहल, सीसामऊ, फूलपुर, कटेहरी और मझवां सीट के उपचुनाव के लिये मतदान जारी है, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। वोट शांतिपूर्ण तरीके डाले जा रहे हैं और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
उपचुनाव के लिये कुल 1917 मतदान केन्द्र और 3718 मतदेय स्थल बनाये गये हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। उपचुनाव में 18.46 लाख से अधिक पुरुष और 15.88 लाख से अधिक महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगी। उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
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सुबह ठंड के बावजूद मतदान केंद्र पहुंचे मतदाता
सुबह मौसम थोड़ा ठंडा रहने के बावजूद बुजुर्ग, युवा और यहां तक कि शारीरिक रूप से अक्षम लोग भी सुबह से ही मतदान केंद्रों पर दिखाई दिए।
कुंदरकी में मतदान केंद्र के बाहर व्हीलचेयर पर बैठी बबीता ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे हाथ पैर काम नहीं करते हैं।’’ उन्हें एक सहायक का सहारा मिला हुआ था।
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करहल में एक मतदान केंद्र के बाहर बुर्का पहने एक महिला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपने दिल के हिसाब से वोट किया है।’’ उनके साथ आई एक अन्य महिला ने कहा, ‘‘कारोबार सही से चले। काम धंधे नहीं चल रहे, महंगाई है, नौकरी नहीं है जिसकी वजह से परेशानी है।’’
फूलपुर में एक मतदान केंद्र पर कतार में खड़े एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने कहा कि उसके दिमाग में ‘‘विकास’’ है, जबकि दूसरे ने कहा कि ‘‘कानून और व्यवस्था’’ राज्य में एक प्रमुख मुद्दा है।
अखिलेश ने की निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उच्चतम न्यायालय और चुनाव आयोग से वीडियो साक्ष्य के आधार पर तत्काल संज्ञान लेने और दंडात्मक कार्रवाई करने और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की।
यादव ने 'एक्स' पर कहा, "माननीय सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग से अपील है कि अभी-अभी प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दंडात्मक कार्रवाई करें और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करें। जो भी पुलिस अधिकारी वोटर कार्ड और आधार आईडी चेक कर रहे हैं, उन्हें वीडियो के आधार पर तुरंत निलंबित किया जाए। पुलिस को आधार आईडी कार्ड या पहचान पत्र जाँचने का कोई अधिकार नहीं है।''
नौ सीटों पर क्यों हो रहे उपचुनाव?
जिन नौ सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें से आठ सीट मौजूदा विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उनके विधानसभा से इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं, जबकि सीसामऊ में मौजूदा समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक इरफान सोलंकी को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म किये जाने के चलते उपचुनाव हो रहा है।
उपचुनाव में कुल 90 उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवार गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। वहीं, सबसे कम पांच-पांच उम्मीदवार खैर (सुरक्षित) और सीसामऊ सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी सीट पर सपा ने जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर पर जीत हासिल की थी। मीरापुर सीट राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास थी, जो अब भाजपा की सहयोगी है। कांग्रेस उपचुनाव नहीं लड़ रही है और ‘इंडिया’ गठबंधन की अपनी सहयोगी सपा का समर्थन कर रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपने दम पर सभी नौ सीट पर चुनाव लड़ रही है।
असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने गाजियाबाद, कुंदरकी और मीरापुर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने सीसामऊ को छोड़कर सभी सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं।
उपचुनावों के नतीजों का 403 सदस्यीय विधानसभा में पार्टियों के संख्याबल पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह विभिन्न राजनीतिक दलों को एक संदेश देगा। सपा जहां सदन में अपनी संख्या बढ़ाना चाहेगी, वहीं भाजपा और उसकी सहयोगी रालोद विधानसभा में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।
वर्तमान में विधानसभा में भाजपा के 251 विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल सपा के 105 विधायक हैं। भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, रालोद के आठ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह विधायक हैं और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो-दो विधायक हैं, जबकि बसपा का एक विधायक है। वर्तमान में 10 सीट खाली हैं।