दो हैवीवेट सुब्रत पाठक और अखिलेश यादव ने भरा पर्चा, कन्नौज बनी हॉट सीट; 13 मई को मतदान

कन्नौज में भारतीय जनता पार्टी के सुब्रत पाठक और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। दोनों ने अपना पर्चा भर दिया है।

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Subrat Pathak and Akhilesh Yadav
सुब्रत पाठक और अखिलेश यादव | Image: Facebook

Kannauj: उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट पर मुकाबला अब दिलचस्प हो चुका है। हॉट सीटों में जगह बनाने वाले कन्नौज में भारतीय जनता पार्टी के सुब्रत पाठक और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। दोनों हैवीवेट नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के साथ कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। 13 मई को कन्नौज सीट के लिए मतदान होना है।

अखिलेश यादव ने सपा के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव और तेज प्रताप यादव की मौजूदगी में अपना पर्चा दाखिल किया है। इधर, कन्नौज निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में सुब्रत पाठक ने गुरुवार को अपना अपना नामांकन भरा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सुब्रत पाठक दोनों ही नेता कन्नौज में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

मुझे उम्मीद है जनता का आशीर्वाद मिलेगा- अखिलेश

अखिलेश यादव कह रहे हैं- 'अभी नामांकन करके आया हूं। यहां के लोगों की भावना का सपा पार्टी की तरफ से आभार प्रकट करता हूं। मुझे उम्मीद है कि जनता का आशीर्वाद मिलेगा।' अखिलेश आगे कहते हैं- 'मैं कन्नौज की जनता की पहले भी सेवा करने आया था। यहां की जनता ने नेता जी को चुना। यहां की जनता ने कई ऐसे लोगों को चुना, जिनकी विचारधारा समाजवादी की थी। मैं यहां के विकास के लिए काम करूंगा।'

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ये भारत और पाकिस्तान वाला मैच होगा- सुब्रत पाठक

बीजेपी के प्रत्याशी सुब्रत पाठक कहते हैं- 'मैच अगर एकतरफा होता है तो बिल्कुल मजा नहीं आता है। तेज प्रताप के साथ अगर ये मैच होता तो भारत नेपाल से मैच होता। अब ये भारत और पाकिस्तान वाला मैच होगा। उनकी विचारधारा पाकिस्तानी है। वो एक विशेष समुदाय के माफिया के घर गए। इनको जवाब जनता देगी।' उन्होंने आगे कहा- 'सपा के लिए अखिलेश अखिलेश होंगे, हमारे लिए नहीं हैं। हमारे लिए विपक्ष के नेता हैं।'

अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए सुब्रत पाठक ने कहा कि मुलायम सिंह के बेटे के अलावा उनके पास में योग्यता क्या है। अब अखिलेश लड़ने आए हैं तो हमारे कार्यकर्ता की सिर कटी लाश के सिर का हिसाब देंगे। बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत का कहना है- 'अखिलेश को परिणाम देख रहे हैं। इसलिए अखिलेश को अपने तेज प्रताप की टिकट काटकर मेरे खिलाफ आना पड़ा। वो जानते हैं कि उनके लिए लड़ाई आसान नहीं है।' उन्होंने कहा कि ये (सपा) कन्नौज को कहते थे कि हमारा गढ़ है। कन्नौज हमारा घर है, मैं यही रहता हूं, यही लोगों से मिलता हूं और कोई भी कभी भी आता है, मिल लेता है।'

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2019 में सुब्रत पाठक ने कन्नौज में सपा को हराया

2019 के चुनाव में सुब्रत पाठक ने कन्नौज में समाजवादी पार्टी के किले को ढहा दिया था। अखिलेश यादव 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने गए थे। उसके बाद वो 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गई थीं। 2014 के आम चुनाव में भी डिंपल ने इसी सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि साल 2019 के चुनाव में वो पराजित हो गई थीं।

2019 में अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव मैदान में उतारा थीं, जिनका मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक से था। चुनाव में जीत बीजेपी प्रत्याशी की हुई थी। फिलहाल कन्नौज में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत 13 मई को मतदान होगा। इस सीट के लिए नामांकन आज, 25 अप्रैल को शुरू हो रहे हैं।

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Published By:
 Amit Bajpayee
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