MVA में बवाल! संजय राउत 'फ्रेंडली फाइट' पर बोले तो संजय निरुपम ने दे डाली खुली चुनौती

Maharashtra: महाविकास आघाड़ी गठबंधन में सीट बंटवारे पर रस्साकस्सी है। फिर भी उद्धव गुट ने 17 सीटों पर उम्मीदवारों की एकतरफा घोषणा कर दी। इससे MVA में बवाल है।

Sanjay Raut vs Sanjay Nirupam
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत और कांग्रेस नेता संजय निरुपम | Image: PTI/File

Maharashtra Lok Sabha Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे पर तलवारें खिचीं हैं। एक तरफ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना है तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी है, जिनके नेता सीटों को लेकर आमने-सामने हैं। विवाद इतना बढ़ चुका है कि बात 'फ्रेंडली फाइट' से खुली चुनौती तक पहुंच गई है।

महाविकास आघाड़ी गठबंधन में सीट बंटवारे पर लंबे समय से रस्साकस्सी है। फिर भी उद्धव गुट ने पिछले दिनों 17 सीटों पर उम्मीदवारों की एकतरफा घोषणा कर दी। इससे महाविकास आघाड़ी (MVA) में बवाल है। क्योंकि शिवसेना-यूबीटी ने कुछ ऐसी सीटों पर भी उम्मीदवार उतार दिए हैं, जहां कांग्रेस के नेता दावेदारी ठोक रहे थे। यहीं ने विवाद का ढक्कन खुल गया है।

संजय निरुपम ने दे डाली खुली चुनौती

कांग्रेस कुछ सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' चाहती है, लेकिन इसके बदले उद्धव गुट महाराष्ट्र से बिहार-उत्तर प्रदेश की बात करने लगा है तो कांग्रेसी और बिफर गए हैं। कांग्रेस नेता संजय निरुपम कहते हैं- 'जब कांग्रेस नेतृत्व ने कुछ सीटों पर Friendly Fight का प्रस्ताव दिया तो उबाठा ग्रुप (उद्धव गुट) बिलबिला गया है। उबाठा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता ने कांग्रेस को धमकी दी है और कहा है कि सभी सीटों पर Friendly Fight करिए। इस बिलबिलाहट का कारण क्या है?'

संजय निरुपम खुली चुनौती के साथ यहां तक दावा करते हैं कि उबाठा ग्रुप बिना कांग्रेस के सपोर्ट के एक भी सीट नहीं जीत पाएगा। कांग्रेस नेता का कहना है- 'मुंबई के मराठी भाषी समाज में उबाठा ग्रुप के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। उम्मीद करता हूं इस माहौल में कांग्रेस नेतृत्व प्रवक्ता की गीदड़ भभकी में नहीं आएगा। वरना महाराष्ट्र से कांग्रेस को हद्दपार करने का पुख्ता इंतजाम कर दिया गया है।'

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संजय राउत पूरे महाराष्ट्र में 'फ्रैंडली फाइट' पर बोले

संजय निरुपम निरुपम का ये जवाब शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत को था। क्योंकि संजय राउत ने कांग्रेस के 6 सीटों वाले 'फ्रेंडली फाइट' प्रस्ताव के बदले पूरे महाराष्ट्र में 'फ्रेंडली फाइट' की धमकी दी है। संजय राउत का कहना है- 'अगर कांग्रेस महाराष्ट्र में दोस्ताना लड़ाई लड़ती है तो उसे उत्तर प्रदेश और बिहार में भी दोस्ताना लड़ाई का सामना करना पड़ेगा।'

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किन सीटों को लेकर खींचतान

कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी में खींचतान की वजह करीब 6 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें सांगली, मुंबई दक्षिण मध्य, मुंबई उत्तर पश्चिम जैसी सीटें शामिल हैं। कांग्रेस के कुछ नेता इन इलाकों में चुनाव लड़ने के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहे थे। हालांकि उद्धव ठाकरे ने वहां शिवसेना-यूबीटी के उम्मीदवार उतार दिए हैं।

सांगली सीट 1962 से 2014 तक कांग्रेस का गढ़ रही है। कांग्रेस की तरफ से इस बार पूर्व CM वसंतदादा पाटिल के पोते विशाल पाटिल के नाम की चर्चा थी। इसके अलावा मुंबई दक्षिण मध्य से मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ का नाम उभर रहा था। हालांकि सांगली सीट से चंद्रहार पाटील को उद्धव ठाकरे की पार्टी ने खड़ा किया है, तो मुंबई दक्षिण मध्य से अनिल देसाई को उतारा गया है। उत्तर पश्चिम मुंबई सीट पर कांग्रेसी संजय निरुपम का नाम उठ रहा था। हालांकि उद्धव ठाकरे ने यहां अमोल कीर्तिकर का नाम घोषित कर दिया है।

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 Amit Bajpayee
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