'जातिगत जनगणना का करोगे क्या, कोई ब्लू प्रिंट है?', राजनाथ सिंह का राहुल गांधी से सीधा सवाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे नौजवान नेता राहुल गांधी हाथ में कुछ लाल लिए रहते हैं, कहते हैं कि संविधान है। जहां भी जाते
- चुनाव न्यूज़
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Maharashtra Election: महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है, वोटिंग से पहले दिग्गजों की रैलियों का दौर जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महायुति के समर्थन में मुंबई में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे नौजवान नेता राहुल गांधी हाथ में कुछ लाल लिए रहते हैं, कहते हैं कि संविधान है। जहां भी जाते हैं, उसे दिखाते हैं। वो कहते हैं कि जातिगत जनगणना कराकर रहूंगा। जातिगत जनगणना कराकर करोगे क्या? देश की जनता को गुमराह करके राजनीति नहीं की जानी चाहिए। मैंने कहा कि आपकी बात को मैं काटता भी नहीं हूं, आप मुझे बताइए कि जातिगत जनगणना आप करा लेंगे और आप कह रहें कि हम सबको आरक्षण का लाभ मुहैया कराएंगे। 2011 में जनगणना हुई थी तब एक लाख से ज्यादा जातियां, उप जातियां, गोत्र यह सब सारे थे और वह रिपोर्ट प्रकाशित ही नहीं हुई।
आप एक जातियों का एक ब्लूप्रिंट तैयार किजिए कि किसको कितना आरक्षण देंगे। देश की जनता को गुमराह करके सरकार तो बनायी जा सकती है परन्तु देश नहीं चलाया जा सकता है।
महाराष्ट्र में एकनाथ सिंदे की सरकार ने अच्छा काम किया- राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र में एकनाथ सिंदे की सरकार ने अच्छा काम किया है। किसी राज्य का नेतृत्व अगर इधर ऊधर हो जाता है तो केन्द्र सरकार उनको संभाल लेती है। घडी में समय लेकर हाथ में धनुष बाण लेकर कमल खिला दिजिये।
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भारत ने वो काम किया जो कोई दूसरा देश नहीं कर पाया- राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री ने कहा कि पिछले 2.5 साल से रूस और यूक्रेन के बीच लगातार युद्ध चल रहा है। जब रूस और यूक्रेन के बीच ये युद्ध शुरू हुआ, तो हमारे बहुत से बच्चे वहां पढ़ते थे, तो उनके माता-पिता जो यहां थे, उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे कहा कि वे अपने बच्चों को यूक्रेन से वापस लाएं। प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की और आपको पता ही होगा कि 4.5 घंटे के लिए युद्ध रुक गया और हमारे 22,000 बच्चे वहां से भारत आ गए। भारत ने वो काम किया जो कोई दूसरा देश नहीं कर पाया।