कंधे पर राधे-राधे वाला दुपट्टा... लोकसभा चुनाव से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर लौटे Akhilesh Yadav?

अखिलेश यादव के गले में चुनावी माहौल के बीच 'राधे-राधे' वाला दुपट्टा दिखाई पड़ा है। इसे 'मथुरा' के सहारे सपा का 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का नया प्रयोग माना जा रहा है।

samajwadi party leaders with Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव के गले में राधे-राधे वाला दुपट्टा दिखा। | Image: X

Lok Sabha Election : अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी PDA फैक्टर को साथ लेकर लोकसभा चुनाव के लिए सियासी मैदान में खड़ी है। सपा के PDA फैक्टर से मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है, जिसका जिक्र तकरीबन एक साल से अखिलेश यादव की हरेक रैली और सभाओं में रहा है। हालांकि जब लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है तो अखिलेश यादव के इस पीडीए फैक्टर में थोड़ा चेंज दिखाई पड़ने लगा है और इसमें एंट्री 'बृज' (मथुरा) क्षेत्र की हो गई है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के गले में चुनावी माहौल के बीच 'राधे-राधे' वाला दुपट्टा दिखाई पड़ा है। 19 मार्च 2024 को लखनऊ में समाजवादी व्यापार सभा की बैठक हुई। इसमें अखिलेश यादव ने लाल रंग का दुपट्टा गले में डाल रखा था, जिसमें राधे-राधे लिखा था। इसके अलावा भी अखिलेश यादव के साथ नजर आए बाकी नेताओं के गले में भी 'जय श्री राधे' का दुपट्टा था।

सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर लौटे अखिलेश?

इसे समाजवादी पार्टी की तरफ से 'मथुरा' के सहारे 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का नया प्रयोग माना जा रहा है। वो भी ऐसे समय में जब 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से अखिलेश यादव दूर रहे। उसके अलावा जब विधायकों को अयोध्या ले जाया गया, तब भी समाजवादी पार्टी के विधायकों ने दौरा नहीं किया। फिलहाल अखिलेश के 'राधे-राधे' के सहारे 'सॉफ्ट हिंदुत्व' के दांव को भारतीय जनता पार्टी की 'अयोध्या पॉलिटिक्स' के काउंटर के रूप में भी देखा जा सकता है।

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जब अखिलेश ने कहा- सपनों में आए 'कृष्ण'

अखिलेश इसके पहले भी 'बृज' (मथुरा) क्षेत्र के जरिए 'सॉफ्ट हिंदुत्व' पर आगे बढ़ने की कोशिश कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश ने राज्य की राजनीति में भगवान कृष्ण की एंट्री कराई थी। अखिलेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था- 'भगवान श्रीकृष्ण रोज उनके सपने में आते हैं और कहते हैं कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है। सपा ही यूपी में रामराज्य लाएगी।' अखिलेश का ये बयान उस समय काफी चर्चा में रहा था। हालांकि सरकार बनाने की रेस में अखिलेश यादव पिछड़ गए थे।

समाजवादी पार्टी का प्लान क्या?

वैसे समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण को अपने कुल देवता बताते हैं। हालांकि राजनीति के लिहाज से समाजवादी पार्टी के ऊपर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने के आरोप अक्सर लगते रहे हैं। हालांकि अपने बदले हुए रूप से अब समाजवादी पार्टी की कोशिश ये संदेश देने की हो सकती है कि समाजवादी पार्टी महज यादव और मुस्लिम वर्ग की ही पार्टी नहीं है।

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Published By:
 Amit Bajpayee
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