Jammu Kashmir: पाकिस्तानी एजेंट होने के आरोप में तिहाड़ में बंद इंजीनियर रशीद लड़ेगा लोकसभा चुनाव
Jammu Kashmir News: संसद हमले में मारे गए आतंकियों को शहीद बताने वाला इंजीनियर रशीद 5 साल से तिहाड़ में बंद है।
- चुनाव न्यूज़
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Jammu Kashmir News: संसद हमले में मारे गए आतंकियों को शहीद बताने वाला इंजीनियर रशीद 5 साल से तिहाड़ में बंद है। अब जानकारी मिल रही है कि वो बारामुला से लोकसभा चुनाव लड़ने वाला है।
AIP यानी अवामी इत्तेहाद पार्टी ने ऐलान करते हुए कहा- 'संसदीय चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं। रशीद बारामूला निर्वाचन क्षेत्र से आगामी चुनाव लड़ेंगे। हम उचित समय पर और उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। सीमित संसाधन होने के बावजूद हमें लोगों पर भरोसा है। जल्द ही हमसे आश्चर्य की उम्मीद करें। रशीद शीघ्र ही लौटेंगे। उन्होंने 11 वर्षों तक विधायक के रूप में कार्य किया है। भारत के संविधान ने उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार दिया है। अपनी वित्तीय बाधाओं के बावजूद, हम लोगों पर भरोसा करते हैं और चुनाव लड़ेंगे। रशीद को चुनाव लड़ने का अधिकार है। कल तक इंजीनियर को एजेंट करार दिया गया था, लेकिन पिछले 5 साल से वह तिहाड़ जेल में हैं। हम कश्मीर में जेल में बंद लोगों की रिहाई के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।'
समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को तैयार
इससे पहले जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) ने मंगलवार को कहा कि वे आगामी लोकसभा चुनावों के लिए केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ चर्चा को तैयार हैं।
हालांकि, अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली जेकेएपी ने वैचारिक मतभेदों के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया है।
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अपनी पार्टी के महासचिव रफी मीर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने विभिन्न समान विचारधारा वाले दलों से बात करने का प्रस्ताव दिया है जो जम्मू-कश्मीर के लोगों की समृद्धि के लिए काम करना चाहते हैं। यदि वे अपनी ओर से हमसे संपर्क करेंगे तो हम जनता के हितों के लिए उनसे गंभीरता से चर्चा करेंगे।’’
मीर ने कहा कि पार्टी अन्य समान विचारधारा वाले दलों को आमंत्रित करेगी और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लाभ के लिए गठबंधन को एक आकार देने का प्रयास करेगी।
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उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी समान विचारधारा वाले दलों को आमंत्रित करेंगे और एक साथ चुनाव लड़ेंगे। यह सिर्फ एक शुरुआत है। हमें उम्मीद है कि कुछ लोग हमसे संपर्क करेंगे और हम भी लोगों से संपर्क करेंगे। पार्टी ने चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए अध्यक्ष को अधिकार दिया है। मुझे लगता है कि एक-दो दिन में इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा।’’
मीर ने कहा कि अपनी पार्टी के भाजपा के साथ कुछ वैचारिक मतभेद हैं और फिलहाल उनके साथ बातचीत मुश्किल है। उन्होंने कहा,‘‘आने वाले समय में देखेंगे। हम अभी अपने बल पर लड़ना चाहते हैं।’’
डीपीएपी के मुख्य प्रवक्ता सलमान निजामी ने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों से चर्चा अभी शुरुआती स्तर पर है। उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम फैसला आने वाले दिनों में डीपीएपी अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद लेंगे।’’
(इनपुटः PTI भाषा के साथ रिपब्लिक भारत)