सीट शेयरिंग को लेकर Indi अलायंस में दिखी दरार, वर्चुअल मीटिंग से पहले ममता ने फिर दिखाई आंख
I-N-D-I-A अलायंस की आज वर्चुअल मीट है यानि डिजिटल मोड में लेकिन एक बार फिर ममता बनर्जी ने कन्नी काटी है, वजह आखिर क्या है?
- चुनाव न्यूज़
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Mamata Banerjee News: 12 जनवरी को विपक्षी खेमा यानि I-N-D-I-A अलायंस फिर बैठेगा। लेकिन इसमें टीएमसी शामिल नहीं होगी। न ममता बनर्जी और न ही उनकी पार्टी का कोई और नेता। पश्चिम बंगाल की सीएम ने वजह तो बताई है लेकिन क्या वजह वही है जो वो बता रही हैं?
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- पांचवी मीट वो भी वर्चुअल फिर भी गैर हाजिर रहेंगी ममता क्यों?
- बैठक के मुख्य तीन एजेंडे, क्या?
- प्रेशर पॉलिटिक्स तो नहीं? पेंच कहां फंसा!
एजेंडा क्या?
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ के घटक दलों के प्रमुख नेता 13 जनवरी को डिजिटल बैठक करेंगे जिसमें गठबंधन को मजबूत करने, सीट बंटवारे पर रणनीति बनाने और इस गठजोड़ का संयोजक नियुक्त करने को लेकर चर्चा की जाएगी। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। लेकिन मामले में पेंच ममता बनर्जी ने फंसा दिया है वो अनुपस्थित रहेंगी!
वजह वही जो पहले बताई थी!
6 दिसंबर 2023 को अलायंस ने बैठक बुलाई थी लेकिन इससे पहले ममता बनर्जी ने सार्वजनिक मंच से शॉर्ट नोटिस पर बैठक बुलाने की बात कही। और इसी वजह से गैर हाजिर रहने का मैसेज दिया। नतीजतन बैठक को रद्द कर तारीख आगे बढ़ा दी गई। जिसमें पश्चिम बंगाल की सीएम शामिल हुईं। पांचवी मीट में भी उनके दल ने यही वजह बताई है। सूत्रों ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी शनिवार सुबह होने वाली इस बैठक में शामिल नहीं होंगी, क्योंकि वह पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
ये प्रेशर पॉलिटिक्स है!
सूत्रों ने बताया कि बैठक में विपक्षी गठबंधन का संयोजक नियुक्त करने पर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) नीतीश कुमार को संयोजक के पद पर देखना चाहता है, जिसका तृणमूल कांग्रेस विरोध कर रही है। सूत्रों ने ये भी बताया कि डिजिटल बैठक आयोजित करने का इस तरह का यह दूसरा प्रयास है, क्योंकि कुछ दिन पहले किया गया प्रयास सफल नहीं हो पाया था।
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दूसरी ओर ममता सीट शेयरिंग को लेकर है। ममता बंगाल और असम में कांग्रेस की शर्तों पर लोकसभा चुनाव 2024 नहीं लड़ना चाहती हैं। सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल में कांग्रेस 8-10 सीट की डिमांड कर रही है जबकि टीएमसी 2 से ज्यादा देने को तैयार नहीं है। वो इसलिए क्योंकि पश्चिम बंगाल में पिछले चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब 5 था। महज 2 सीटों पर कांग्रेस ने 30 प्रतिशत वोट हासिल किया था और टीएमसी यही सीटें कांग्रेस को देना चाहती है तो असम में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। कांग्रेस वहां अकेले अपने दम पर लड़ना चाहती है तो टीएमसी अपनी दावेदारी 14 में से 4 सीटों पर पेश कर रही है।
तो पेंच सीट शेयरिंग का ऐसा फंसा है कि बिहार हो, बंगाल हो, दिल्ली हो विपक्षी खेमा तितर बितर होता दिख रहा है। सवाल पूछा जाने लगा है कि क्या खेमों में बंटा गठबंधन 2024 में एनडीए को चुनौती दे पाएगा?