'रामलला हम आएंगे...' नारा देने वाले बाबा ने बताई आंदोलन के संघर्ष की कहानी, रथ से जाएंगे अयोध्या

Ramlala हम आएंगे मंदिर वही बनाएंगे नारा दे बाबा सत्यनारायण मौर्य ने राम मंदिर आंदोलन को नई राह दी थी। अब न्योता मिला है तो बीते दौर को याद कर रहे हैं।

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Baba satya narayan maurya
बाबा सत्यनारायण मौर्य | Image: Baba satya narayan maurya/r.bharat

सत्यविजय सिंह

Ram Lala Pran Pratishtha:  ये नारा पूरे राम मंदिर आंदोलन में चर्चाओं में था। राम लला आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे- इस नारे के साथ राम मंदिर का आंदोलन आगे बढ़ता रहा। इस नारे को देने वाले की कहानी भी राम मंदिर आंदोलन के साथ चलती रही। ये वो दौर था जब बाबा सत्यनारायण मौर्य की सोच से निकले शब्द अयोध्या की दीवारों की शोभा बढ़ाते थे। उनके गीत लोगों की जुबान पर सजते थे। बाबा की ख्याति बढ़ी, ओजस्वी कविताओं ने राष्ट्र और सनातन प्रेम की अलख जगाई।

खबर में आगे पढ़ें-

  • कौन हैं बाबा सत्यनारायण मौर्य?
  • मिला न्योता, रथ से पहुंचेंगे रामलला के द्वार?
  • कब बना आइकॉनिक नारा?

कैसे मिली बाबा की प्रतिभा को पहचान

राम मंदिर आंदोलन में नारा प्रचलित हुआ था की राम लला हम आएंगे और मंदिर वही बनाएंगे। जिसे लेकर विपक्ष ने भी कंज कसा था की मंदिर वही बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। इस नारे को देने वाला शख्स बाबा सत्यनारायण मौर्य थे। अयोध्या में आंदोलन के दौरान दीवारों पर पेंटिंग कर नारे लिखे थे। इसी दौरान अशोक सिंघल जो की आंदोलन के प्रमुख भी थे उन्होंने बाबा के गीत सुने और उसके बाद उनके गीत ही आंदोलन के प्रमुख गीत बन गए।

नारे ने दिलाई ख्याति (बाबा सत्यनारायण मौर्य वीएचपी नेता अशोक सिंघल के साथ)

समारोह का मिला न्योता

बाबा को भी अयोध्या में आने का निमंत्रण मिला है, तैयारी पूरी है। बाबा रथ में सवार होकर अयोध्या जाएंगे। रथ चित्रकूट से अयोध्या जाएगा।  सत्यनारायण मौर्य खुश हैं और इसे संघर्ष का फल बताते हैं। कहते हैं- उस समय का संघर्ष है की आज मंदिर बन रहा है। R.भारत से बातचीत में उन प्रचलित गीतों का जिक्र किया जिसे जनता का प्यार मिला।सत्यनारायण मौर्या का दिया नारा, राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे...सच साबित हो गया है।

राम मंदिर आंदोलन में खूब गूंजे मौर्य के नारे

पहली बार कब लगाया नारा

रामजन्मभूमि आंदोलन में गूंजने वाला सबसे अहम नारा रहा- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यह नारा निकला था बजरंग दल के एक शिविर में। उज्जैन में 1986 में बजरंग दल के शिविर में पहली बार बाबा सत्यनारायण मौर्य ने यह नारा दिया जो बाद में हर रामभक्त की जुबान पर चढ़ गया। सत्यनारायण मौर्य ने बताया कि 1986 में वो मध्यप्रदेश के राजगढ़ से एम कॉम की पढ़ाई कर रहे थे। तब उज्जैन में बजरंग दल का शिविर लगा। मौर्य ने बताया कि मैं भी उस शिविर में शामिल था। शिविर में शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। उसी कार्यक्रम में मैंने राम जन्मभूमि को लेकर यह नारा पहली बार दिया। रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।

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पहली बार बजरंग दल के शिविर में लगाया राम नाम का नारा

रामजन्मभूमि आंदोलन का प्रतीक बन गया नारा

उन्होंने कहा कि इसके बाद यह नारा अलग-अलग जगह स्वयंसेवकों ने लगाया और फिर यह रामजन्मभूमि आंदोलन का एक अहम नारा बन गया। 55 साल के बाबा मौर्य ने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या के कार्यक्रम में सबसे पहले मंच संचालन उन्होंने ही किया। वह तब आंदोलन के प्रचार प्रमुख थे और पूरे अयोध्या में उन्होंने वॉल राइटिंग की जिसमें श्रीराम और हनुमान के चित्रों के साथ नारे भी शामिल थे। राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर उनके गाने की कैसेट भी तब खूब चली थी।

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Published By:
 Ravindra Singh
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