कांग्रेस के घोषणा पत्र पर भड़के CM हिमंता, कहा- क्या पाकिस्तान चुनाव के लिए है ये मेनिफेस्टो?

Congress Manifesto: असम के CM हिमंता ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर तंज कसा और उसे तुष्टिकरण का घोषणा पत्र बताया।

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 CM Himanta taunt Rahul Gandhi
राहुल गांधी और CM हिमंता | Image: PTI

Congress Manifesto: असम के CM हिमंता ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर तंज कसा और उसे तुष्टिकरण का घोषणा पत्र बताया। उन्होंने कहा कि कोई नहीं चाहता कि ट्रिपल तलाक फिर से आए। कोई नहीं चाहता कि बाल विवाह दोबारा हो। कोई नहीं चाहता कि एक ही लोग 2-3 शादी करें। कांग्रेस का जो मेनिफेस्टो है, देखने से लगता है कि भारत के चुनाव के लिए नहीं, पाकिस्तान के चुनाव के लिए बना है।

'कांग्रेस के घोषणा पत्र में वही सोच जो..' - PM मोदी

इससे पहले कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में वही सोच झलकती है, जो आजादी के आंदोलन के समय मुस्लिम लीग में थी। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में पूरी तरह मुस्लिम लीग की छाप है और इसका जो कुछ हिस्सा बचा रह गया, उसमें वामपंथी पूरी तरह हावी हो चुके हैं। कांग्रेस इसमें दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती है।

मोदी ने सहारनपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आजादी की लड़ाई लड़ने वाली कांग्रेस तो दशकों पहले ही समाप्त हो चुकी है। अब जो कांग्रेस बची है, उसके पास न देशहित में नीतियां हैं और न ही राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि। कल कांग्रेस ने जिस तरह का घोषणा पत्र जारी किया है, उससे साबित हो गया है कि आज की कांग्रेस, आज के भारत की आशाओं-आकांक्षाओं से पूरी तरह कट चुकी है।''

उन्होंने कहा, ''कांग्रेस के घोषणा पत्र में वही सोच झलकती है, जो आजादी के आंदोलन के समय मुस्लिम लीग में थी। कांग्रेस के घोषणा पत्र में पूरी तरह मुस्लिम लीग की छाप है और इसका जो कुछ हिस्सा बचा रह गया है, उसमें वामपंथी पूरी तरह हावी हो चुके हैं। कांग्रेस इसमें दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती है।''

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'कांग्रेस को तो उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे'

उत्तर प्रदेश में सपा की स्थिति तो यह है कि यहां उन्हें हर घंटे अपने उम्मीदवार बदलने पड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस की स्थिति तो और भी विचित्र है, कांग्रेस को तो उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे।

उन्होंने कहा कि जिन सीटों को कांग्रेस अपना गढ़ मानती थी, वहां भी उसे उम्मीदवार उतारने की हिम्मत ही नहीं हो रही है। (शायद प्रधानमंत्री का इशारा उप्र की अमेठी और रायबरेली सीट की ओर हैं, जहां कांग्रेस ने अब तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है)। उन्होंने कहा, ‘‘इंडी गठबंधन अस्थिरता और अनिश्चितता का दूसरा नाम बन चुका है और इसलिए देश आज उनकी एक भी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा है।''

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड