EC on Haryana Result: हरियाणा चुनाव रिजल्ट को नकारने वाले बयान लोकतंत्र के खिलाफ- चुनाव आयोग
निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा हरियाणा चुनाव नतीजों को अस्वीकार करने वाले बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है।
- चुनाव न्यूज़
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Haryana Assembly Election Results: निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा हरियाणा चुनाव नतीजों को अस्वीकार करने वाले बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। चुनाव आयोग ने कहा कि देश के समृद्ध लोकतांत्रिक इतिहास में इस तरह की टिप्पणियां पहले कभी नहीं सुनी गईं और यह बोलने की स्वतंत्रता की वैधानिकता से परे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे एक पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि पार्टी नेताओं जयराम रमेश और पवन खेड़ा द्वारा दी गईं टिप्पणियां वैधानिक और नियामक चुनावी ढांचे के अनुसार व्यक्त की गई 'जनता की इच्छा' को अस्वीकार करने की ओर ले जाती हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर कर सकती हैं।
खरगे और राहुल के बयानों पर संज्ञान
आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बयानों का भी संज्ञान लिया, जिसमें चुनाव परिणामों को 'अनपेक्षित' बताया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने इस नतीजे का विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ निर्वाचन आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखा है।
आयोग ने यह भी बताया कि कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के लिए समय मांगा है, जिसमें चुनाव परिणाम को अस्वीकार करने वाले नेता भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने बुधवार शाम 6 बजे प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए सहमति जताई है।
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हरियाणा चुनाव में कांग्रेस को 37 सीट
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने षड्यंत्र का आरोप भी लगाया था और दावा किया था कि तीन-चार जिलों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आई हैं जिनसे मुख्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग को अवगत कराएगा। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया था कि हिसार, महेंद्रगढ़ और पानीपत जिलों से ईवीएम को लेकर शिकायतें आई हैं और जिन ईवीएम की बैट्री 99 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस उम्मीदवारों की हार हुई है, लेकिन जिनकी बैट्री 60-70 प्रतिशत चार्ज थी उनमें कांग्रेस की जीत हुई है।
इसी साल जून में लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच हुई पहली बड़ी सीधी लड़ाई में भारी सत्ता विरोधी लहर के बावजूद सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 48 सीट पर जीत दर्ज की जबकि 2019 में उसे 41 सीट मिली थी। कांग्रेस को 37 सीट पर ही संतोष करना पड़ा।