Delhi Elections: कांग्रेस के प्लान से बिगड़ेगा केजरीवाल का खेल? खुद राहुल गांधी के हाथ कमान, इन सीटों पर सेंधमारी की कोशिश

Delhi Elections: दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी लड़ाई है, लेकिन कांग्रेस के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय बना है।

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arvind kejriwal and rahul gandhi
arvind kejriwal and rahul gandhi | Image: Facebook

Delhi Elections: चुनाव हार जीत का खेल है और इस खेल में कांग्रेस पुरानी हार का बदला आम आदमी पार्टी से लेना चाहती है। इसके लिए दिल्ली में कांग्रेस खूब दम भर रही है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में लगभग दो हफ्ते बचे हैं, लेकिन उसके पहले कांग्रेस ने दिल्ली में ऐसा जाल बिछाया है कि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

वैसे दिल्ली में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी लड़ाई है, लेकिन कांग्रेस के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय बना है। यहां फिलहाल कांग्रेस आम आदमी पार्टी की सीटों पर सेंधमारी करने की कोशिश में है। राहुल गांधी की रैलियों से इसको समझा जा सकता है। इसे ऐसे समझिए कि राहुल गांधी जहां भी रैली कर रहे हैं, वो खास इलाके हैं, जहां बीजेपी को शायद ही ज्यादा फायदा मिले, लेकिन आम आदमी पार्टी पिछले चुनावों में यहां जीत हासिल कर चुकी है।

राहुल गांधी के हाथ कमान, इन सीटों पर सेंधमारी की कोशिश

दिल्ली के चुनाव में राहुल गांधी ने पहले ही उतर चुके हैं, लेकिन उनकी रैलियों के पैटर्न को देखा जाए तो खास वोटबैंक को वो अपने पाले में लाना चाहते हैं। असल में कांग्रेस का प्लान अपने पुराने या यूं कहें कि मुस्लिम-दलित वोटर्स को फिर से पाले में लाने का है। उसी इरादे से राहुल गांधी ने सीलमपुर से कांग्रेस का चुनावी बिगुल फूंका था। सदर बाजार में पिछले दिन कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद अब मुस्तफाबाद और मादीपुर जैसे क्षेत्रों में राहुल गांधी जाने वाले हैं।

इन सीटों पर कांग्रेस फोकस सिर्फ खास वोटबैंक के लिए ही कर रही है। इसे आंकड़ों से समझा जाए तो सीलमपुर सीट दिल्ली की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली सीट है। आसान शब्दों में कहें तो सीलमपुर में मुस्लिम मतदाता ही किसी भी पार्टी की जीत और हार तय करते हैं। उसके अलावा मुस्तफाबाद में, जहां राहुल गांधी की गुरुवार को रैली होना है, वहां तकरीबन 35 फीसदी मुस्लिम वोटर्स बताए जाते हैं। मादीपुर में दलित वोटर्स की अच्छी खासी संख्या है, जहां राहुल गांधी के 24 जनवरी को रैली करने का कार्यक्रम है।

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कांग्रेस के प्लान से बिगड़ेगा केजरीवाल का खेल?

इन सीटों पर आम आदमी पार्टी और केजरीवाल का खेल इसलिए बिगड़ सकता है कि यहां के दलित और मुस्लिम वोटर्स कांग्रेस के पुराने समर्थक रहे हैं। राहुल गांधी के इन क्षेत्रों में रैली करने और कांग्रेस के फोकस करने से अगर मुस्लिम मतदाता वापसी कर गए तो आम आदमी पार्टी, जो यहां से चुनाव जीतकर सत्ता में बैठी है, इसकी सरकार में वापसी का रास्ता मुश्किल हो सकता है। सीलमपुर कांग्रेस का पुराना गढ़ रहा है, जबकि मुस्तफाबाद में आम आदमी पार्टी 2013 और 2015 में जीत नहीं पाई थी। अभी दिल्ली में सत्ता विरोधी लहर की संभावनाएं हैं और साथ में कांग्रेस मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जिससे आम आदमी पार्टी के समीकरण बिगड़ सकते हैं।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड