Bihar Election : पंचायत प्रतिनिधियों को दोगुना भत्ता, पेंशन और 50 लाख के बीमा का ऐलान, तेजस्वी यादव का नया चुनावी दांव

Tejashwi Yadav का यह नया चुनावी दांव बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। इस ऐलान के साथ तेजस्वी ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कुछ और महत्वपूर्ण सुविधाएं भी जोड़ी हैं।

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तेजस्वी यादव का नया चुनावी दांव | Image: ANI

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनावों की सरगर्मी दिन-ब-दिन तेज हो रही है। विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने जनता को लुभाने के लिए नया चुनावी पिटारा खोला है। इस बार उनका निशाना ग्रामीण स्तर के जनप्रतिनिधि हैं। तेजस्वी ने घोषणा की है कि महागठबंधन की सरकार बनने पर पंचायती राज के त्रिस्तरीय प्रतिनिधियों का मानदेय और भत्ता दोगुना कर दिया जाएगा, जबकि पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन की सुविधा प्रदान की जाएगी।

तेजस्वी यादव का यह ऐलान न केवल ग्रामीण बिहार में रहने वाले लाखों प्रतिनिधियों के लिए राहत की सांस है, बल्कि सत्ताधारी NDA पर भी एक बड़ा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन वादों को विस्तार से बताते हुए कहा, "पंचायती राज व्यवस्था बिहार के लोकतंत्र की रीढ़ है। ये जनप्रतिनिधि गांव-गांव तक पहुंचकर विकास की मशाल जलाते हैं, लेकिन उनकी मेहनत का सही सम्मान नहीं मिला। हमारी सरकार बनते ही इनकी आय दोगुनी हो जाएगी।" 

50 लाख रुपये का बीमा 

तेजस्वी यादव के अनुसार, वर्तमान में पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले भत्ते को दोगुना करने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे वे और बेहतर तरीके से जनसेवा कर सकेंगे। साथ ही, जो पूर्व प्रतिनिधि अपनी सेवा के बाद आर्थिक तंगी का शिकार हैं, उन्हें पेंशन देकर सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था कई अन्य राज्यों में पहले से लागू है और बिहार में इसे लागू करना लंबे समय की मांग रही है।

इस ऐलान के साथ तेजस्वी ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कुछ और महत्वपूर्ण सुविधाएं भी जोड़ी हैं। उन्होंने बताया कि हर पंचायत प्रतिनिधि का 50 लाख रुपये का बीमा कराया जाएगा, ताकि किसी अप्रत्याशित घटना में उनके परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके। इसके अलावा, ग्राम कचहरी की शक्तियों को बढ़ाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे विवादों का त्वरित निपटारा हो सके। तेजस्वी का यह कदम ग्रामीण बिहार के उन लाखों मुखियाओं, सरपंचों और पंचायत सदस्यों को सीधे प्रभावित करेगा, जो अक्सर सीमित संसाधनों के बावजूद गांव की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में जुटे रहते हैं।

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इनके लिए भी ऐलान

यह घोषणा केवल पंचायत प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं है। तेजस्वी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों के लिए भी राहत पैकेज की बात कही। उन्होंने कहा कि डीलरों को मानदेय दिया जाएगा, प्रति क्विंटल कमीशन की राशि बढ़ाई जाएगी, और उनकी अनुकंपा नियुक्ति की 58 वर्ष की आयु सीमा को हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही, लोहार, कुम्हार, बढ़ई और नाई जैसे पारंपरिक कारीगरों को 5 लाख रुपये का ब्याज-रहित लोन उपलब्ध कराने का वादा किया गया है, जिसे 5 सालों में चुकाना होगा। ये वादे महागठबंधन की 'संकल्प बदलाव का' रणनीति का हिस्सा हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है।

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Published By :
Sagar Singh
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