NDA में फूट की फुसफुसाहट, उपेंद्र कुशवाहा को मनाने में रात भर जुटे रहे BJP के दिग्गज, RLM चीफ बाले-'नथिंग इज वेल इन NDA'
NDA में BJP और JDU के बाद सबसे ज्यादा सीटें चिराग पासवान को मिलीं और बस यहीं से NDA के भीतर घमासान शुरू हो गया। BJP नेताओं की बैठक उपेंद्र कुशवाहा के साथ सुबह करीब 4 बजे तक चली, लेकिन बैठक बेनतीजा रही।
- चुनाव न्यूज़
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Bihar Elections 2025 : बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का फॉर्मूला तय होने के बाद फूट की फुसफुसाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ उम्मीदवारों का ऐलान हो रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ शब्दों में नाराजगी की आंच साफ दिख रही है। बिहार में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले NDA में दरारें साफ नजर आने लगी हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने सीट बंटवारे पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि NDA में सब कुछ ठीक नहीं है।
BJP के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार रात उपेंद्र कुशवाहा को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन यह प्रयास बेनतीजा रह गया। यह घटनाक्रम NDA की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है, जो विपक्ष के लिए सुनहरा मौका बन सकता है। बीजेपी और जेडीयू के बाद सबसे ज्यादा सीटें चिराग पासवान की LJP (रामविलास) को मिलीं हैं। खबरों के मुताबिक और बस यहीं से NDA के भीतर घमासान शुरू हो गया। यही कारण है कि मंगलवार देर रात बीजेपी नेता कुशवाहा से मिलने पहुंचे।
'नथिंग इज वेल इन NDA'
देर रात उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, उपेंद्र कुशवाहा से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात करने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मंत्री नितिन नवीन और बीजेपी के वरिष्ठ नेता ऋतुराज सिन्हा भी कुशवाहा के घर पहुंचे थे। BJP नेताओं की बैठक कुशवाहा के साथ सुबह करीब 4 बजे तक चली, लेकिन ये बैठक बेनतीजा रही। कुशवाहा के आवास से निकलते समय BJP नेताओं ने कोई बयान नहीं दिया, लेकिन मुलाकात के बाद कुशवाहा ने कहा-
"इस बार एनडीए में कुछ भी ठीक नहीं है।"
सीट बंटवारे का ऐलान और नाराजगी
रविवार को NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) और BJP को बराबर 101-101 सीटें मिलीं। वहीं, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (एचएएम) को 6 और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को महज 6 सीटें आवंटित की गईं। यह घोषणा होते ही छोटे सहयोगियों में असंतोष की लहर दौड़ गई। जीतन राम मांझी ने 15 सीटों की मांग की थी, जबकि कुशवाहा ने 24 सीटों का दावा किया था।
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सीट बंटवारे के दो दिन बाद मंगलवार की आधी रात को पटना में खूब राजनीतिक नाटक हुआ। खबरों के मुताबिक महुआ विधानसभा सीट को लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को दिए जाने से नाराज कुशवाहा के घर BJP के बड़े नेता पहुंचे। बैठक रात 12 बजे शुरू हुई और सुबह करीब 4 बजे तक चली। इस दौरान अन्य सहयोगी दलों के नेताओं के साथ फोन पर भी चर्चा हुई। BJP नेताओं ने कुशवाहा को मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
NDA पर क्या असर?
यह विवाद NDA के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। बिहार के चुनावी समर में छोटे सहयोगी दलों का वोट बैंक निर्णायक साबित होता है। कुशवाहा और मांझी जैसे नेताओं की नाराजगी से गठबंधन की वोट शेयर कमजोर हो सकती है। BJP और जेडीयू को अब जल्दी से जल्दी इस मुद्दे को सुलझाना होगा, वरना विपक्षी महागठबंधन को फायदा हो सकता है।