अपडेटेड 13 November 2025 at 10:42 IST
Bihar Election: पहले होटल पर छापेमारी, फिर FIR भी दर्ज... भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति पर क्यों हुई कार्रवाई?
भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के खिलाफ चुनाव आयोग ने FIR दर्ज किया है। बिक्रमगंज के एक होटल में छापेमारी के बाद ये कार्रवाई की गई।
- चुनाव न्यूज़
- 2 min read

भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह एक बार फिर मुश्किलों में घिर गई हैं। चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बिक्रमगंज के एक होटल में छापेमारी के बाद की गई, जहां ज्योति अपने कुछ समर्थकों के साथ रूकी थीं। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला उनके काराकाट से चुनाव लड़ने से संबंधित है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के आरोप में काराकाट विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। बिक्रमगंज के एसडीएम सह रिटर्निंग ऑफिसर प्रभात कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
ज्योति सिंह ने आचार संहिता का किया उल्लंघन
SDM प्रभात कुमार ने बताया कि ज्योति सिंह मतदान से एक दिन पहले 10 नवंबर की रात अपने 15-18 समर्थकों के साथ बिक्रमगंज के एक होटल में ठहरी थीं। जबकि चुनाव प्रचार 9 नवंबर को ही समाप्त हो गई थी। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले सभी प्रचार गतिविधियां बंद होनी चाहिए। इसके अलावा, प्रचार अवधि खत्म होने के बाद बाहरी प्रचारकों को निर्वाचन क्षेत्र में रहने की अनुमति नहीं है। ऐसे में ज्योति सिंह ने आचार संहिता का उल्लंघन किया।
होटल पर छापेमारी के बाद कार्रवाई
एसडीएम के नेतृत्व में जब होटल में छापा मारा गया तो ज्योति सिंह अपने 15-18 समर्थकों के साथ होटल में रूकी थीं। उनके समर्थक होटल खाली करने के निर्देश के बावजूद वहां मौजूद थे। उनके दो वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके थे, जबकि तीसरा वाहन पूरी तरह अनधिकृत था। होटल रजिस्टर में भी कई ठहरे लोगों के नाम दर्ज नहीं थे। वहीं, ज्योति सिंह ने इस कार्रवाई को अनुचित बताया।
Advertisement
ज्योति ने कार्रवाई पर क्या कहा?
ज्योति ने अपने फेसबुक पर कार्रवाई की वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि मुझे राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए प्रशासन द्वारा षड्यंत्र के तहत मेरे होटल में बिना किसी महिला फोर्स के छापेमारी की गई। उन्होंने कहा, मतदान से एक दिन पहले मुझे तीन से चार घंटे रोककर परेशान किया गया। महिला कांस्टेबलों की मौजूदगी के बिना मेरे कमरे पर छापा मारा गया। मैंने कुछ गलत नहीं किया, यह साजिश है।
Advertisement
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 13 November 2025 at 10:39 IST