West Bengal Election: बंगाल में 15 साल में विकास की जगह विनाश देखने को मिला, क्या कानून और संविधान ममता की मर्जी से चलेगा- राजनाथ सिंह
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 साल में टीएमसी ने बंगाल का विनाश किया और तुष्टिकरण की राजनीति की।
- चुनाव न्यूज़
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West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को राज्य में चुनाव होना है। इससे पहले बुधवार को रक्षा मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने दक्षिण दिनाजपुर में एक विशाल रोड शो के दौरान ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जमकर हमला बोला।
राजनाथ सिंह ने तीखे लहजे में सवाल किया कि क्या बंगाल में संविधान और कानून ममता बनर्जी की मर्जी से चलेंगे? उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी के शासन ने बंगाल को विकास नहीं, बल्कि केवल विनाश दिया है।
तुष्टिकरण की नीति पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने राज्य सरकार पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में विकास कार्यों में धर्म के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर बंगाल के विकास के लिए केवल 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि मदरसों के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
रक्षा मंत्री के अनुसार, इस भारी असंतुलन की वजह से राज्य का युवा आज बेरोजगार है और संघर्ष करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की इस नीति ने बंगाल के गौरव को चोट पहुंचाई है।
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PM मोदी ने भी साधा निशाना
राजनाथ सिंह से पहले 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तर बंगाल के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री ने रैली में कहा था कि TMC सरकार के पास जनता को दिखाने के लिए अपना 'रिपोर्ट कार्ड' तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में TMC ने विकास के नाम पर केवल अनैतिक काम किए हैं।
पीएम मोदी ने भी बजट आवंटन पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सरकार ने मदरसों के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उत्तर बंगाल के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
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राज्य में दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल में सत्ता की इस बड़ी लड़ाई के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान होना तय हुआ है। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पूरे देश की नजरें बंगाल पर टिकी हैं, क्योंकि 4 मई को होने वाली मतगणना यह तय करेगी कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी पर फिर से भरोसा जताती है या भाजपा के 'परिवर्तन' के नारे को चुनती है।