VIDEO: बंगाल चुनाव में भयंकर बवाल! पुलिस अफसर और TMC कार्यकर्ता के बीच तीखी झड़प का वीडियो वायरल; फर्जी पोलिंग एजेंट बनने का दावा

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग वाले दिन का एक वीडियो सामने आया है, जहां नादिया में एक पुलिस अफसर ने TMC वर्कर को चेतावनी दी और वोटरों को भड़काने के आरोप लगाए। जानें क्या है पूरा मामला? पढ़ें पूरी खबर।

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West Bengal Election Controversy
‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?’ बंगाल में पुलिस अफसर और TMC कार्यकर्ता के बीच तीखी झड़प | Image: Republic

West Bengal Election Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान कई जगह से तनाव की खबरें सामने आई, मतदान वाले दिन का एक और वीडियो अब सामने आया है। जिसमें हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। नादिया के कृष्णगंज में एक पुलिस अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस देखी जा रही है। वायरल वीडियो में निष्पक्षता चुनाव और वोटरों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बानपुर पंचायत के गेडे उत्तर पारा की है। वायरल वीडियो में एक पुलिस अधिकारी स्थानीय TMC नेता के पति गौतम नाथ को कड़ी चेतावनी देते हुए नजर आ रहे हैं। अधिकारी को वीडियो में कहते सुना जा सकता है कि, 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई वोटर्स को भड़काने की? तुम्हें 100 मीटर के दायरे में आने की इजाजत नहीं है।'

वोटरों को प्रभावित करने के गंभीर आरोप

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गौतम नाथ पोलिंग बूथ के प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर संदिग्ध दस्तावेजों और पार्टी सामग्री के साथ पाए गए थे। उन पर आरोप है कि वे वोटरों को प्रभावित करने और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे।

नियमों के मुताबिक पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में प्रचार प्रतिबंधित है। पुलिस ने वर्कर पर 'नकली VVPAT' से संबंधित दस्तावेज या सामग्री बांटने का संदेह भी जताया है। पुलिस ने वेरिफिकेशन के लिए वर्कर के बैग से कागजात जब्त कर लिए हैं थे।

पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो किया विरोध

जब पुलिस अधिकारी ने गौतम नाथ के बैग की तलाशी लेनी चाही, तो उन्होंने विरोध किया। नाथ का दावा था कि वह तय दूरी से अपना काम कर रहे थे। हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दिन राजनीतिक सामग्री का प्रदर्शन और भीड़ इकट्ठा करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। काफी देर तक चली इस बहस के बाद, जब पुलिस ने गिरफ्तारी की चेतावनी दी, तब जाकर स्थिति शांत हुई।

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चुनाव आयोग की सतर्कता

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों के पास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। फाल्टा और भांगर जैसे इलाकों से भी छिटपुट हिंसा की खबरें आई थी, जिसके बाद इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।

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Published By :
Nidhi Mudgill
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