'नैतिक रूप से हमने चुनाव जीता है, इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, मैं राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी'; ममता बनर्जी ने कर दिया बड़ा ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने जब ममता बनर्जी से उनके इस्तीफे को लेकर सवाल किया तो जबाव में उन्होंने कहा, 'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी और ना ही राजभवन जाऊंगी, मैं हारी नहीं हूं, हराया गया है'।
- चुनाव न्यूज़
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में अपनी हार को स्वीकार नहीं कर रही है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही वो लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोटों की चोरी, धांधली समेत कई गंभीर आरोप लगा रही है। अब 4 मई को दीदी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक और बड़ा ऐलान कर बंगाल की सियासत में भूचाल ला दिया है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार को लेकर मंगलवार को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि हम चुनाव हारे नहीं है, हमें हराया गया है। दुख की बात है कि CEC इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और EVM को लूटने के वाला विलने बन गया।
मैं इस्तीफा नहीं दूंगी-ममता बनर्जी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने जब ममता बनर्जी से उनके इस्तीफे को लेकर सवाल किया तो जबाव में उन्होंने कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं, मैं राजभवन नहीं जाऊँगी... सवाल ही नहीं उठता। नहीं। अब, मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि हम चुनाव नहीं हारे। यह हमें हराने की उनकी कोशिश है। आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के जरिए, वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीत गए हैं।"
ममता बनर्जी ने बताया काउंटिंग सेंटर पर क्या हुआ?
वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "पहले चरण की मतगणना के बाद, वे कहने लगे कि भाजपा को 195-200 सीटें मिल रही हैं। आपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार नहीं किया। आपने 5-6 चरण का भी इंतजार नहीं किया। प्रेस मीडिया के साथ उस प्रचार के बाद, भाजपा पोलिंग स्टेशन के अंदर गई और उन्होंने लोगों, काउंटिंग एजेंट्स को पीटना शुरू कर दिया। जब मुझे पता चला कि सभी काउंटिंग एजेंट्स हटा लिए गए हैं, तो मैं लगभग 30,000 से आगे चल रही थी और लगभग 5 राउंड बाकी थे।"
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ममता बनर्जी ने आगे कहा, "हमें 32,000 से ज़्यादा मिलना चाहिए था। फिर BJP कैंडिडेट 200 CRPF जवानों और 200 बाहरी गुंडों के साथ अंदर गया, फिर उन्होंने हमारे लोगों को पीटा। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और उन्होंने सारे फॉर्म छीन लिए। जब मुझे पता चला, तो मैं वहां गई। उन्होंने मेरी कार रोक दी लेकिन मैंने दूसरा रास्ता लिया। जब मैं अंदर गई, तो CRPF ने मुझसे कहा कि मुझे जाने की इजाजत नहीं है।"
CCTV बंद कर मुझे मारा गया-ममता बनर्जी
"मैंने कहा कि मैं एक उम्मीदवार हूं, फिर मैंने RO से शिकायत की कि सामान्य हालात होने तक मतगणना तुरंत रोक दी जाए। मैंने DEO को देखा। मुझे पता है कि वह 15 दिन पहले किसी को संदेश किया था कि 'काउंटिंग में खेला होगा'। मैं कुछ मिनट के लिए अंदर गई। उन्होंने मेरे साथ मारपीट की। उस समय CCTV बंद था। मैं दावे के साथ कह रही हूं कि मैं हारी नहीं हूं, मुझे हराया गया। "