किसके सिर सजेगा CM का ताज? बंगाल में गृह मंत्री अमित शाह खुद संभालेंगे मोर्चा, विधायक दल की बैठक के बाद होगा नाम का ऐलान; पूरा शेड्यूल
बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आठ मई, शुक्रवार को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी।
- चुनाव न्यूज़
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बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आठ मई, शुक्रवार को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता यानी नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा।
उसके अगले दिन नौ मई, शनिवार को कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर की जयंती के दिन नई सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के सभी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के सीनियर मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे हैं, जिसमें ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे है।
बंगाल में सीएम की रेस में शुभेंदु अधिकारी ही नहीं बल्कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से लेकर दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉलऔर सुकांत मजूमदार जैसे आधा दर्जन नेताओं के नाम शामिल है।
अमित शाह के क्राइटेरिया में कौन होगा फिट?
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग के बाद ही अमित शाह ने संकेत दे दिए थे कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा? कोलकाता में प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान अमित शाह से पूछा गया था कि बीजेपी सत्ता में आती है तो बंगाल में कौन मुख्यमंत्री होगा?
इसका जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि जो भी होगा बंगाल की धरती का बेटा है, बंगाल में पढ़ा-लिखा है, बंगाली बोलता है और बीजेपी का कार्यकर्ता है, वही मुख्यमंत्री होगा?
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अमित शाह के क्राइटेरिया में शुभेंदु अधिकारी सबसे फिट बैठते हैं। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी ताकत साबित की है। बंगाल से दिल्ली तक के सियासी कॉरिडोर में सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु की हो रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम में ममता को हराया था और विपक्ष के नेता बने थे और इस बार उन्होंने नंदीग्राम से जीतने के साथ-साथ भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,000 से ज्यादा वोटों से मात दी है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी के नाम को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
कहीं किसी महिला चेहरे पर तो नहीं लगेगी मुहर?
भाजपा ने बंगाल चुनाव के दौरान ही महिला आरक्षण का बड़ा दांव खेला और वहां महिलाओं ने बंपर मतदान किया। साथ ही सत्ता से महिला को ही उतारा है, सो कहीं कोई महिला चेहरा सामने आ जाए। दिल्ली में महिला सीएम का प्रयोग कामयाब रहा।
अगले साल फिर यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, गोवा, गुजरात और मणिपुर में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में महिला मतदाताओं को संदेश देने के लिए महिला सीएम का चेहरा भी सामने आ जाए, तो कोई हैरानी नहीं होगी। बंगाल में महिलाओं के नाम पर अग्निमित्रा और रूपा गांगुली की चर्चा हो रही है।