Bengal Election 2026: गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की चार्जशीट, कहा- सोनार बांग्ला के नाम पर सिंडिकेट राज…
West Bengal Election 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में ममता सरकार के खिलाफ 14 मुद्दों वाली 'चार्जशीट' जारी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल घुसपैठियों का मुख्य द्वार बन गया है और राज्य में 'सिंडिकेट राज' हावी है।
- चुनाव न्यूज़
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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ एक बड़ा चुनावी हथियार निकाल लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' जारी किया। इसके बाद शाह ने कड़े शब्दों में कहा कि बंगाल आज देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां से घुसपैठिए बेखौफ भारत में प्रवेश कर रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट पैदा कर रहे हैं।
“घुसपैठ का अड्डा बना बंगाल”
अमित शाह ने अपने संबोधन में सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल चुनाव के नतीजों पर टिकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने राजनीतिक तुष्टीकरण के चलते घुसपैठियों को संरक्षण दिया है। गृह मंत्री के अनुसार, "सोनार बांग्ला" का वादा करने वाली ममता सरकार ने राज्य को "सिंडिकेट राज" में झोंक दिया है। उन्होंने कहा कि 15 साल पहले जनता ने कम्युनिस्टों के अत्याचार से मुक्ति के लिए बदलाव को वोट दिया था, लेकिन आज वही जनता पुराने शासन को बेहतर बता रही है, जो इस सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।
BJP की इस 'चार्जशीट' में क्या?
BJP के अनुसार, जारी 'चार्जशीट' ममता बनर्जी के 15 साल के कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और कुशासन का एक कच्चा चिट्ठा है। इसमें 14 अलग-अलग क्षेत्रों की विफलताओं को उजागर किया गया है, जिसमें राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, आरजी कर जैसी घटनाओं के बाद महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य-शिक्षा और राशन वितरण में भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज जैसे आरोप शामिल हैं।
अप्रैल में आएगा ‘संकल्प पत्र’
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह चार्जशीट केवल शिकायतों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि बंगाल की जनता को जागरूक करने का एक जरिया है। BJP इस चार्जशीट के आधार पर जनता के बीच जाएगी और अप्रैल के पहले हफ्ते में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी।
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बता दें, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा। पूरे देश की निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद यह साफ होगा कि बंगाल में 'दीदी' की सत्ता बरकरार रहती है या 'कमल' खिलता है।