'मैंने 15 सालों में तनख्वाह का एक पैसा नहीं लिया, अब मैं आजाद पंक्षी हूं और अपनी पूरी जिंदगी...', हार के बाद ममता बनर्जी ने बताया अपना पूरा प्लान
बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार को लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान EC-BJP पर आरोप लगाते हुए उन्होंने अपने आप को एक आजाद पंक्षी भी बताया।
- चुनाव न्यूज़
- 3 min read

2026 पश्चिम विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद 15 साल बाद टीएमसी सत्ता से बाहर हो गई है। विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बहुत हासिल करने के बाद बीजेपी अब सूबे में सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है।
बंगाल में हार के बाद मंगलवार, दीदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोटों की चोरी करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने अपने आप को एक आज़ाद पंक्षी बताया। इस दौरान उन्होंने 15 सालों के अपनी पेंशन और तनख्वाह के बारे में भी बताया।
'अब मैं आजाद पंक्षी हूं और 15 सालों में तनख्वाह...'- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में 80 सीटों पर सिमटने के बाद ममता बनर्जी ने कहा 'आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आज़ाद पंक्षी हूं। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं। लेकिन अब, मैं एक आजाद पंक्षी हूं।'
INDI गठबंधन पूरी तरह से मेरे साथ
ममता बनर्जी ने आगे कहा 'INDI गठबंधन के सभी साथियों ने मुझसे कहा कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मज़बूत रहेगी। अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएँ। तो, वह कल आएंगे। एक-एक करके सब आएंगे। मेरा लक्ष्य बहुत साफ़ है। मैं INDI गठबंधन को मजबूत करूंगी, बिल्कुल एक आम आदमी की तरह।'
SIR में 90 लाख नाम हटा दिए
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा 'यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। उन्होंने SIR में 90 लाख नाम हटा दिए। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम शामिल किए गए। उन्होंने गंदा और घटिया खेल खेला। मैंने अपनी ज़िंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।