अपडेटेड 23 March 2026 at 22:44 IST

CPI(M) ने फोड़ा लेटर ‘बम’, चुनाव आयोग के डॉक्यूमेंट पर BJP की मुहर का किया दावा, केरल CEO ऑफिस ने सफाई में बताई सच्चाई

Kerala ECI Document Controversy: केरल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के एक आधिकारिक पत्र पर भाजपा की मुहर मिलने से सियासी घमासान छिड़ गया है। CPI(M) और कांग्रेस ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

Follow : Google News Icon  
Kerala ECI BJP Symbol letter
Kerala ECI BJP Symbol letter | Image: Republic/ECI

Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की तारीखें नजदीक आते ही राज्य की राजनीति खलबली मचने लगी है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने एक ऐसा डॉक्यूमेंट शेयर किया है जिसने चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, CPI(M) का दावा है कि चुनाव आयोग के एक आधिकारिक पत्र पर आयोग की सील के बजाय केरल BJP की मुहर लगी है।

क्या है पूरा मामला?

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब CPI(M) केरल ने सोशल मीडिया पर 19 मार्च 2019 के एक पुराने एफिडेविट की कॉपी अपने सोशल मीडिया पर साझा की। इस ऑफिशियल डॉक्यूमेंट के नीचे स्पष्ट रूप से 'भाजपा केरल' की मुहर दिखाई दे रही थी। इस पर CPI(M) ने तीखा सवाल करते हुए पूछा है, ‘क्या अब चुनाव आयोग और भाजपा एक ही पावर सेंटर से चल रहे हैं?’

CPI(M) के इस दावे के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और तृणमूल कांग्रेस ने भी इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि क्या चुनाव आयोग अब भाजपा की 'बी-टीम' बन चुका है? कांग्रेस ने पूछा है कि चुनाव आयोग के पास बीजेपी की मुहर कैसे पहुंची?

केरल CEO की सफाई

विवाद बढ़ता देख केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने इसे एक 'क्लेरिकल एरर' करार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इसे तुरंत पहचान कर सुधार लिया गया है।

Advertisement

आयोग ने बताया- कैसे हुई गलती?

आयोग ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की केरल इकाई ने हाल ही में उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी 2019 की गाइडलाइन्स पर स्पष्टीकरण मांगा था। यहां अनुरोध के साथ भाजपा ने 2019 के मूल निर्देश की एक फोटोकॉपी भी जमा की थी, जिस पर उनकी (भाजपा की) अपनी मुहर लगी हुई थी। लेकिन, ऑफिस के कर्मचारियों ने अनजाने में उसी फोटोकॉपी को अन्य राजनीतिक दलों और अधिकारियों को स्पष्टीकरण के रूप में वितरित कर दिया। आयोग ने स्वीकार किया कि कर्मचारी दस्तावेज पर लगी पार्टी की मुहर को देख नहीं पाए।

गलती करने वाला आरोपी अधिकारी सस्पेंड

चुनाव आयोग ने इस गंभीर चूक को स्वीकार करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए हैं। मामले में आयोग ने लापरवाही बरतने वाले असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को जांच लंबित रहने तक तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

Advertisement

साथ ही 21 मार्च को उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक औपचारिक पत्र जारी कर उस गलत डॉक्यूमेंट को वापस लेने का नोटिस सभी दलों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेज दिया है।

चुनाव आयोग की अपील

ECI ने मीडिया और जनता से अनुरोध किया है कि इस मानवीय भूल को आधार बनाकर संस्थान की निष्पक्षता पर भ्रामक संदेश न फैलाए जाएं। आयोग ने साफ किया कि उसकी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी बरती जाएगी।

ये भी पढ़ें:  Sarkari Naukri 2026: बिहार पुलिस में नौकरी का सुनहरा मौका, कॉन्स्टेबल (ऑपरेटर) के 993 पदों पर निकली भर्ती, जानिए लास्ट डेट

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 23 March 2026 at 22:44 IST