पश्चिम बंगाल में ममता का किला फतह करेगी BJP! कितने सटीक होते हैं एग्जिट पोल के नतीजे? यहां पढ़िए पांचों राज्यों का रिपोर्ट कार्ड

Assembly Election 2026 Exit Polls Report Card: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त के संकेत मिल रहे हैं। क्या ममता बनर्जी की TMC बचा पाएगी अपनी सत्ता? यहां बंगाल सहित पांच राज्यों के संभावित चुनावी नतीजों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

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Assembly Election 2026 Exit Polls Report Card
Assembly Election 2026 Exit Polls Report Card | Image: AI

Assembly Election 2026 Exit Polls Report Card: पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 संपन्न हो चुके हैं। वोटिंग खत्म होने के साथ ही एग्जिट पोल्स के आंकड़ों ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। 

सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल को लेकर है, जहां 'दीदी' के गढ़ में सेंधमारी के संकेत मिल रहे हैं। क्या ममता बनर्जी की हैट्रिक पर ब्रेक लगेगा या बीजेपी पहली बार बंगाल फतह करेगी? आइए समझते हैं-

क्या बदल रही है बंगाल की हवा?

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए आए शुरुआती अनुमानों ने सबको चौंका दिया है। इस बार मुकाबला कांटे का है, लेकिन पलड़ा थोड़ा अलग नजर आ रहा है। Matrize, P-Marq और टुडे चाणक्य जैसे सर्वे बीजेपी को 145 से 175 सीटें दे रहे हैं। अगर ये सही साबित हुए, तो बीजेपी बहुमत के आंकड़े (148) को पार कर सकती है।

दूसरी ओर, 'पीपल्स पल्स' जैसे कुछ पोल्स का कहना है कि ममता बनर्जी 177-187 सीटों के साथ वापसी कर सकती हैं। वहीं, खुद CM ममता बनर्जी ने इन पोल्स को खारिज करते हुए 230+ सीटें जीतने का दावा किया है। जबकि बंगाल के दोनों चरणों में 90% से ज्यादा वोटिंग हुई है। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी भारी वोटिंग अक्सर बदलाव का संकेत होती है, लेकिन यह किसके पक्ष में जाएगी, यह 4 मई को ही साफ होगा।

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क्या वाकई सटीक होते हैं एग्जिट पोल?

एग्जिट पोल्स को लेकर हमेशा से बहस होती रही है कि ये कितने सही साबित होते हैं। अगर हम इतिहास देखें, तो साल 2021 के बंगाल चुनाव में लगभग सभी दिग्गज एजेंसियां फेल हो गई थीं। उस समय अनुमान था कि BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर होगी, लेकिन नतीजों में ममता बनर्जी ने 213 सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया था और BJP मात्र 77 सीटों पर सिमट गई थी। 

बता दें, एग्जिट पोल केवल एक 'ट्रेंड' बताते हैं, जो मतदाताओं की तुरंत ली गई राय पर आधारित होते हैं। कई बार मतदाता अपनी असली पसंद छिपा लेते हैं (जिन्हें 'शाई वोटर' कहा जाता है) या सैंपल साइज छोटा होने के कारण नतीजे असलियत से कोसों दूर रह जाते हैं। इसलिए इन्हें केवल एक संकेत माना जा सकता है, अंतिम फैसला नहीं। 

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तमिलनाडु, केरल असम और पुडुचेरी का कैसा है मिजाज?

2026 के इन चुनावों में केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इन राज्यों के एग्जिट पोल्स की बात करें तो असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की वापसी के मजबूत संकेत मिल रहे हैं। यहां अधिकांश सर्वे भाजपा को बहुमत के करीब दिखा रहे हैं। 

वहीं, साउथ में तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके गठबंधन (DMK+) की स्थिति मजबूत बनी हुई है, हालांकि विपक्ष कड़ी चुनौती देता दिख रहा है। केरल की बात करें तो यहां LDF और UDF के बीच हमेशा की तरह सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां एग्जिट पोल्स भी किसी एक तरफ स्पष्ट झुकाव दिखाने में हिचकिचा रहे हैं। जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक बार फिर NDA की सरकार बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

2021 vs 2026: क्या इतिहास खुद को दोहराएगा?

अगर बात करें, इन पांच चुनावी राज्यों में पिछले एग्जिट पोल की तो लास्ट टाइम तमिलनाडु और असम के मामले में एग्जिट पोल काफी हद तक सही साबित हुए थे। तमिलनाडु में DMK की जीत और असम में बीजेपी की वापसी का अनुमान बिल्कुल सटीक था। हालांकि, एग्जिट पोल एजेंसियां बंगाल और केरल में सीटों के गणित में अक्सर मात खाती दिखती हैं।  

एग्जिट पोल्स के इन आंकड़ों ने समर्थकों के बीच उत्साह और नेताओं के बीच बेचैनी बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल में पहले दो चरणों में 89 प्रतिशत से अधिक का रिकॉर्ड मतदान इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि जनता ने किसी बड़े बदलाव या ठोस समर्थन के लिए वोट किया है। लेकिन, बंगाल में 'खेला' होगा या 'कमल' खिलेगा, इसके लिए हमें 4 मई 2026 तक का इंतजार करना होगा।  

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Published By :
Kunal Verma
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