पहले PM मोदी और अब रक्षा मंत्री भी एक्शन में, ईरान युद्ध के बीच बुलाई बड़ी बैठक; देश में कुछ बड़ा होगा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार शाम को पश्चिम एशिया संकट पर मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

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‘Self-Reliance Important’: Rajnath Singh Sets 2030 Target For India As Global Hub For Indigenous Drone Manufacturing
Rajnath Singh | Image: X

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार शाम को पश्चिम एशिया संकट पर मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ईरान युद्ध पर की गई कई बैठकों और लोगों को यह आश्वासन देने के बीच हो रही है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

विदेश मंत्रालय इन घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखे हुए है और पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय नागरिकों को किसी भी तरह की सहायता प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

कल PM मोदी ने की थी बैठक

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ वर्चुअल माध्यम से एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों और देश पर उनके संभावित असर को देखते हुए राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों की सराहना की और कहा कि ये सुझाव बदलती हुई स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने में बहुत मददगार साबित होंगे। उन्होंने आगे आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारी और आपसी तालमेल से काम करने की जरूरत पर जोर दिया।

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भारत को वैश्विक उथल-पुथल से निपटने का अनुभव

पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इस तरह की वैश्विक उथल-पुथल से निपटने का पहले से अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए सामूहिक प्रयासों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने मिलकर "टीम इंडिया" के रूप में काम करते हुए आपूर्ति श्रृंखलाओं, व्यापार और आम जनजीवन पर पड़ने वाले बुरे असर को कम किया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हालात से निपटने में आपसी सहयोग और तालमेल की वही भावना भारत की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए इस पर लगातार नजर रखने और हालात के हिसाब से रणनीतियां बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से ही एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय है, जो रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर जरूरी फैसले ले रहा है। 

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Published By :
Kunal Verma
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