ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन के घर में घुसकर BrahMos ने मचाई थी तबाही, अब इस देश के साथ ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल समझौते के करीब पहुंचा भारत
India Indonesia BrahMos cruise missile deal: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारियों ने इंडोनेशिया का दौरा किया। सीडीएस की इंडोनेशिया यात्रा ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को उजागर किया।
- डिफेंस न्यूज
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India Indonesia BrahMos cruise missile deal: मई में पाकिस्तान और आतंकियों के खिलाफ भारत ने पहलगाम हमले की जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसमें भारत ने आतंकियों के 9 ठिकानों को केवल तबाह ही नहीं किया था बल्कि 100 से अधिक आतंकियों को मार भी गिराया था।
भारत की ओर से इस जवाबी कार्रवाई में सेना ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का भी इस्तेमाल किया था। दुनिया ने भारत की ब्रह्मोस की ताकत देखी थी। अब इसकी मांग विश्व में बढ़ गई है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जी हां, भारत और इंडोनेशिया ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब पहुंच गए हैं।
वार्ता में लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं - रक्षा सूत्र
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ा बढ़ावा हो सकता है। भारत और इंडोनेशिया ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि वार्ता में लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए केवल रूसी पक्ष की मंजूरी की आवश्यकता है।
भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से इस समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। इस साल जनवरी में एक उच्च-स्तरीय यात्रा के दौरान, जब इंडोनेशिया के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व नई दिल्ली में थे, इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी।
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सीडीएस सहित भारतीय सैन्य अधिकारियों ने इंडोनेशिया का किया था दौरा
भारत फिलीपींस को मिसाइलें बेचने में सक्षम रहा है और इस अद्वितीय हथियार प्रणाली के लिए बाजार का विस्तार करना चाहता है, जिसने इस वर्ष मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान भी युद्ध में अपनी उपयोगिता साबित की है। हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारियों ने इंडोनेशिया का दौरा किया।
सीडीएस की इंडोनेशिया यात्रा ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को उजागर किया। जनवरी में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत की राजकीय यात्रा ने भी भारतीय और इंडोनेशियाई सेना के बीच घनिष्ठ सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया। भारत ने कुछ वर्ष पहले फिलीपींस के साथ लगभग 3,500 करोड़ रुपये का समझौता किया था और मिसाइलें तथा आवश्यक प्रणालियां भी प्रदान की थीं।
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इस समझौते पर अंतर्राष्ट्रीय हलकों में कड़ी नजर रखी जा रही थी, क्योंकि इसे क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए फिलीपींस द्वारा हथियार जुटाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा था।