बिहार में उद्योग को बढ़ावा के लिए नीतीश सरकार का बड़ा प्लान, लागू हुआ BIIPP-2025; इंडस्ट्री के लिए फ्री मिलेगी 25 एकड़ तक जमीन
BIIPP-2025: बिहार की नीतीश सरकार का कहना है कि इस औद्योगिक पैकेज 2025 के अंतर्गत लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा। इस नए औद्योगिक पैकेज 2025 से 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने में सहायता मिलेगी।
- बिजनेस न्यूज
- 3 min read

Bihar Industrial Package, BIIPP-2025: इस साल के आखिरी तक बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है। प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस चुनाव को लेकर अपनी-अपनी तैयारियां जोरों पर शुरू कर दी हैं। इस बीच बिहार की नीतीश सरकार एक के बाद एक कई बड़े ऐलान कर रही है। जी हां, बीते दिनों सीएम नीतीश कुमार में बिहार में उद्योग लगाने के लिए एक खास योजना का ऐलान किया था, जिसमें निवेशकों को फ्री में जमीन देने की भी बात थी। अब मुख्यमंत्री नीतीश के मंत्री मंडल ने उस योजना को लागू कर दिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 के बाद अब नया बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) लागू किया है। इस पैकेज के तहत बिहार में इंडस्ट्री लगाने वालों को 25 एकड़ तक जमीन मुफ्त में देने का नियम है। आइए इस बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) को विस्तार से जानते हैं…
निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पूर्व आवेदन करना अनिवार्य
बिहार की नीतीश सरकार का कहना है कि इस औद्योगिक पैकेज 2025 के अंतर्गत लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा। इस नए औद्योगिक पैकेज 2025 से 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने में सहायता मिलेगी। सीएम नीतीश कुमार ने एख्स पर ट्विट करक बताया है कि इस पहल का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें राज्य के अंदर ही अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
बिहार में BIIPP-2025 लागू - ये हैं इसके फायदे
- 40 करोड़ रुपए तक की ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) दी जाएगी।
- नई इकाइयों को स्वीकृत परियोजना लागत का 300 प्रतिशत तक शुद्ध SGST की प्रतिपूर्ति 14 वर्षों के लिए की जाएगी।
- 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) प्रदान की जाएगी।
- निर्यात प्रोत्साहन की सीमा 14 वर्ष की अवधि के लिए 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष होगी। इसके अतिरिक्त कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग, पेटेंट पंजीकरण एवं गुणवत्ता प्रमाणन हेतु सहायता दी जाएगी।
- इस नए औद्योगिक पैकेज 2025 के तहत निवेश को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।
- 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली एवं 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी।
- 1000 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों को 25 एकड़ तक भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी।
- फॉर्च्यून 500 कंपनियों को 10 एकड़ तक भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी।
ये भी पढ़ें - दिल्ली में 3-4 सितंबर को होगी GST Council की 56वीं बैठक, जीएसटी स्लैब पर आ सकता है बड़ा फैसला