अपडेटेड 1 February 2026 at 18:59 IST

Budget 2026: आम आदमी के लिए बजट में क्या-क्या? 10 प्वाइंट में समझिए वित्त मंत्री निर्मला के भाषण की बड़ी बातें

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया, जिसमें विकसित भारत @2047 के विजन को मजबूती दी गई है। 53 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए, जिसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा।

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Budget 2026
Budget 2026 | Image: Republic

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बार का कुल बजट आकार 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इसमें वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए, जिसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। इस बार के बजट में सुधारों, नौकरियों, कौशल और समावेशी विकास पर जोर दिया गया है। 

इसके अलावा किसानों और छात्रों से लेकर सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों, हेल्थकेयर वर्कर्स और यात्रियों के लिए भी घोषणाएं की गईं। सरकार ने इस बार ऐसे सेक्टर्स को प्राथमिकता दी है, जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी और जेब पर पड़ता है, जैसे खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, महिला सशक्तिकरण, MSME और मैन्युफैक्चरिंग। आइए 10 प्वाइंटर्स में समझते हैं बजट से जुड़ी बड़ी बातें, जो आम आदमी को प्रभावित करेंगी…

सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाना 

Budget 2026 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई अहम योजनाओं का ऐलान किया है। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट की योजना लाई गई है। इसके अलावा पशुपालन सेक्टर में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। 

इस बजट में नारियल, काजू, कोको और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों पर खास ध्यान दिया गया है। नारियल प्रोत्साहन योजना के तहत पुराने और कम उत्पादन वाले पेड़ों को बेहतर किस्मों से बदला जाएगा, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनमें लगभग 1 करोड़ किसान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि काजू और कोको को 2030 तक ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड बनाया जाए, ताकि भारत इन उत्पादों में आत्मनिर्भर बन सके और किसानों को बेहतर दाम मिलें।

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रेलवे को हाई-स्पीड नेटवर्क का तोहफा

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार इस बार 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी, जिसमें रेलवे की बड़ी हिस्सेदारी है। बजट 2026 में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जो देश के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ेंगे। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट शामिल हैं। इससे यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा और लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी।

शिक्षा सेक्टर में नए संस्थान और हॉस्टल

शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट 2026 को काफी अहम माना जा रहा है। पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित किया जाएगा और बड़े औद्योगिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। खास बात यह है कि लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश के हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी में रिसर्च के लिए नई टेलीस्कोप सुविधाएं विकसित की जाएंगी और शिक्षा से रोजगार को जोड़ने के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी गठित होगी।

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MSMEs को बनाया जाएगा ग्रोथ इंजन

छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूती देने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का MSMEs ग्रोथ फंड बनाने का ऐलान किया है। इसका मकसद ऐसे MSMEs तैयार करना है, जो भविष्य में ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। सरकार चाहती है कि ये सेक्टर न सिर्फ रोजगार पैदा करें, बल्कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग बेस को भी मजबूत बनाएं।

हेल्थ सेक्टर में मेडिकल हब और रोजगार

Budget 2026 में हेल्थ सेक्टर पर खास फोकस देखने को मिला है। देश में पांच मेडिकल हब विकसित किए जाएंगे, जहां प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी होगी। इन हब्स में आयुष सेंटर, डायग्नोस्टिक सर्विस, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं होंगी। इससे न सिर्फ इलाज बेहतर होगा बल्कि हेल्थ सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा होंगे। बायो-फार्मा स्कीम और आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म करने से कैंसर, डायबिटीज समेत 17 दवाएं सस्ती होंगी।

युवाओं और रक्षा क्षेत्र को मजबूत बजट

रक्षा मंत्रालय को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जिसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए हैं। इसका सीधा मतलब है कि सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस और तेज होगा। इससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर में युवाओं के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

खेलो इंडिया और खिलाड़ियों को सपोर्ट

सरकार ने खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत करने का ऐलान किया है। इसके तहत नए ट्रेनिंग सेंटर, बेहतर कोचिंग, सपोर्ट स्टाफ और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। खेल से जुड़े उपकरणों पर ड्यूटी घटाने से स्पोर्ट्स इक्विपमेंट भी सस्ते होंगे, जिससे युवा खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा।

महिलाओं के लिए SHE-Mart और छात्राओं के हॉस्टल

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए SHE-Mart शुरू किए जाएंगे, जहां महिला उद्यमी अपने उत्पाद बेच सकेंगी। इसके अलावा करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि शिक्षा और रोजगार के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तर पर बदलाव आएगा।

विदेश में पढ़ाई और इलाज अब होगा सस्ता

विदेश में पढ़ाई या मेडिकल ट्रीटमेंट कराने वालों के लिए बजट 2026 में बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने TCS यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया है, जिससे छात्रों और मरीजों को कम टैक्स देना होगा और कुल खर्च घटेगा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

Budget 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। PLI स्कीम के बजट को भी बढ़ाया गया है, जिससे भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 1 February 2026 at 18:53 IST