अपडेटेड 1 February 2026 at 17:12 IST

Share Market Crash: Budget 2026 के बाद क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार? सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निवेशकों का 11 लाख करोड़ स्वाहा

Share Market Crash: बजट 2026 के एलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी हलचल देखी गई। वित्त मंत्री द्वारा फ्यूचर और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के प्रस्ताव से सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह धराशायी हो गए।

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budget 2026
budget 2026 | Image: AI/Republic

Share Market Crash Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार यानी 1 फरवरी 2026 को जब संसद में आम बजट पेश कर रही थीं, उसी दौरान भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बजट भाषण के शुरुआती हिस्सों में बाजार स्थिर था, लेकिन जैसे ही टैक्स संबंधी घोषणाएं हुईं, सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढहने लगे। 

इस दौरान सेंसेक्स करीब 1547 अंकों से ज्यादा टूटकर 80,80723 के निचले स्तर पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी भी 750 अंक टूटकर 24825 पर बंद हुआ। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के बीच अफरा-तफरी मचा दी। नतीजा ये रहा कि महज कुछ ही घंटों में बाजार से निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।

क्यों धड़ाम हुआ शेयर बाजार?

शेयर बाजार में इस भारी गिरावट का सबसे बड़ा कारण सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई बढ़ोतरी को माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए कर की दरों में बड़ा इजाफा किया है। नए प्रस्ताव के अनुसार, फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.025% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जबकि ऑप्शंस ट्रेडिंग के लिए इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% करने का निर्णय लिया गया। 

इस बढ़ोतरी के एलान का सीधा असर उन बड़े ट्रेडर्स पर पड़ा जो भारी मात्रा में सौदे करते हैं, जिस कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी देखी गई, लेकिन फिर आखिरी घंटे में तगड़ी गिरावट पर मार्केट बंद हुआ।

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इंफ्रास्ट्रक्चर और MSME सेक्टर ने बचाया

बाजार के पूरी तरह क्रैश होने के बाद दोपहर 2 बजे के करीब कुछ रिकवरी भी देखने को मिली। भारी गिरावट के बावजूद बजट में कुछ ऐसे एलान भी थे जिन्होंने निवेशकों का हौसला बढ़ाया। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) के विकास के लिए बड़ी राशि आवंटित की, जिससे निर्माण और सीमेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी लौट आई। 

इसके अलावा, MSME उद्योग को 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने जैसे प्रस्तावों ने तकनीकी शेयरों को मजबूती दी। लार्ज कैप कंपनियों के भाव गिरने पर निवेशकों ने निचले स्तरों से खरीदारी शुरू की, जिससे सेंसेक्स अपनी गिरावट को कुछ हद तक कम करने में सफल रहा।

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सोमवार पर टिकी हैं निगाहें

बजट के दिन आई इस बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार के दिग्गजों की नजर सोमवार के कारोबारी सत्र पर टिकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रविवार को बाजार मुख्य रूप से स्थानीय सेंटिमेंट और टैक्स के झटके पर प्रतिक्रिया दे रहा था। असली तस्वीर सोमवार को साफ होगी जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बजट के दीर्घकालिक प्रावधानों का विश्लेषण करने के बाद अपनी रणनीति तय करेंगे। 

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 1 February 2026 at 17:12 IST