'10 साल में पहला सत्र जब कोई चिंगारी नहीं भड़की', बजट सेशन की शुरुआत से पहले PM मोदी कर गए विपक्ष पर बड़ा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 10 साल में शायद ये पहला संसद का सत्र है, जिसके पहले कोई विदेशी चिंगारी नहीं भड़की, विदेश से आग लगाने की कोशिश नहीं हुई।
- बिजनेस न्यूज
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PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत विरोधी विदेशी ताकतों और उनकी बातों पर भरोसा करने वाले विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर के बाहर बयान दिया। आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी और 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में देश का बजट पेश करेंगी। फिलहाल पीएम मोदी ने संसद सत्र की शुरुआत से पहले बजट को लेकर प्रतिक्रिया दी है और इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोला।
पिछले कुछ सालों में संसद सत्र से पहले विदेशी रिपोर्ट आया करती थी और पूरे सत्र में विपक्ष उसको लेकर सरकार पर हमलावर रहता था। कई बार विदेशी रिपोर्ट्स को सही मानकर विपक्ष ने ठीक से संसद सत्र तक नहीं चलने दिया। फिलहाल पीएम मोदी ने इसी को लेकर तंज कसा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा कि 2014 से लेकर अब तक शायद ये पहला संसद का सत्र है, जिसके एक दो दिन पहले कोई विदेशी चिंगारी नहीं भड़की है, विदेश से आग लगाने की कोशिश नहीं हुई है।
10 साल के बाद पहला सत्र, जब कोई चिंगारी नहीं भड़की- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- '10 साल बाद ये पहला सत्र मैं देख रहा हूं, जिसमें किसी भी विदेशी कोने से कोई चिंगारी नहीं भड़काई गई। मैं 2014 से देख रहा हूं कि हर सत्र से पहले शरारत करने के लिए लोग तैयार बैठते थे और यहां उन्हें हवा देने वालों की कोई कमी नहीं है।' पीएम मोदी का इशारा यहां सीधे विपक्ष की ओर था।
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बजट सत्र में इस बार सरकार का एजेंडा क्या?
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि तीसरी बार देश की जनता ने दायित्व दिया है। ये तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है और विश्वास से कह सकता हूं 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, 'विकसित भारत' होगा। ये बजट नया विश्वास पैदा करेगा, नई ऊर्जा देगा और हम मिशन मोड़ में देश को विकास में आगे बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बजट सत्र के मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में हमेशा की तरह कईं ऐतिहासिक बिल पर सदन में चर्चा होगी और व्यापक मंथन के साथ वो राष्ट्र की ताकत बढ़ाने वाले कानून बनेंगे। खासकर नारीशक्ति के गौरव को फिर से प्रस्थापित करना, पंथ-संप्रदाय के भेद से मुक्त होकर हर नारी को सम्मानपूर्ण जीवन और समान अधिकार मिले, इस दिशा में इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।