अपडेटेड 29 January 2026 at 22:02 IST
Budget 2026: ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत? फार्मा सेक्टर को निर्मला के बजट से क्या हैं उम्मीदें
Budget 2026: देश का आम बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होने जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत अपनी जीडीपी (GDP) का केवल 3 से 4 प्रतिशत ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है। ऐसे में इस साल बजट को लेकर हेल्थ सेक्टर को क्या उम्मीद है, आइए जानते हैं।
- बिजनेस न्यूज
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Budget 2026: केंद्रीय वित्त बजट 2026-27 एक फरवरी को सांसद में पेश किया जाना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट होगा, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों की मजबूती के लिहाज से इस बजट को काफी अहम माना जा रहा है।
कोरोना के बाद आम लोगों को यह अच्छी तरह समझ आ चुका है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देश के लिए कितना जरूरी है। ऐसे में एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट पर सभी की नजरें होंगी कि इस बार हेल्थ सेक्टर को क्या-क्या मिल रहा है। इस बार हेल्थ सेक्टर को वित्त मंत्री से कई उम्मीदें हैं। हालांकि, पिछले चार साल बजटीय आंकड़ों पर नजर डालें तो लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
फार्मा सेक्टर को बजट से उम्मीद
बजट 2026-27 में फार्मा सेक्टर को बजट से लेकर बड़ी उम्मीद होगी। अमेरिका द्वारा भारत पर भारी टैरिफ का असर फार्मा सेक्टर पर भी पड़ा है। कई लोगों का मानना है कि इस बजट में फार्मा इंडस्ट्री को भी बजट में सपोर्ट मिलना चाहिए। जिस तरह से वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की समस्याएं और जियोपॉलिटिकल तनाव से उबरने के लिए बजट आगे का रास्ता दिखा सकता है। घरेलू उत्पादन और रिसर्च को बढ़ावा देना पर भी बजट को लेकर उम्मीद है।
ग्रामीण इलाकों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना
शहरी इलाकों में कुछ हद तक तो हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में देखा जाए तो अभी भी बहुत निवेश करने की जरूरत है। इस बजट में ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का दायरा और अधिक बढ़ने की उम्मदी जताई जा रही है। गर ऐसा होता है तो आम आदमी की जेब पर इलाज का बोझ कुछ हद तक जरूर कम होगा।
हेल्थ रिसर्च और डीप-टेक इनोवेशन पर जोर
भारत में हेल्थ रिसर्च और डीप-टेक इनोवेशन पर शुरू से जोर दिया जाता है। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर नजर रहेगी कि इस बार हेल्थ रिसर्च के लिए कितने रुपये मिलते हैं। गौरतलब है कि पिछले साल हेल्थ रिसर्च और डीप-टेक इनोवेशन के लिए अच्छी खासी रकम मिली थी, जिसके चलते एक मजबूत आधार तैयार हो चुका है। मेडटेक, बायोटेक और एआई आधारित हेल्थ डीप-टेक स्टार्टअप्स को भी इस बजट से उम्मीद है।
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बच्चों की सेहत पर खर्च बढ़ाने की मांग
भारत में बच्चों की सेहत को लेकर हमेशा से एक गंभीर सवाल रहा है। देश में बच्चों की संख्या बहुत बड़ी है, लेकिन स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च अपेक्षाकृत कम है। कई लोगों का मानना है कि बच्चों पर निवेश बढ़ाकर ही स्वस्थ और मजबूत भारत की नींव रखी जा सकती है।
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Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 22:02 IST